बडगाम मुठभेड़: ऑपरेशन अशदार में मारा गया लश्कर आतंकी यासिर
पीर पंजाल के घने जंगलों में सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई के दौरान पाकिस्तानी आतंकी ढेर, सीमा पार से घुसपैठ की फिराक में था।
तस्वीर में बाईं तरफ आतंकी की फोटो और दाईं तरफ एक तैनात जवान दिख रहा है।
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में सुरक्षा बलों के साथ हुई भीषण मुठभेड़ में मारे गए आतंकवादी की शनिवार को आधिकारिक पहचान हो गई। जम्मू-कश्मीर पुलिस के अनुसार, ढेर किया गया आतंकी पाकिस्तान का निवासी यासिर था और वह प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ था।
पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी साझा करते हुए सख्त संदेश दिया, “आप भाग तो सकते हैं लेकिन छिप नहीं सकते!” पुलिस ने स्पष्ट किया कि ‘ऑपरेशन अशदार’ के तहत मारा गया आतंकी यासिर सीमा पार से घुसपैठ कर घाटी में अस्थिरता फैलाने की फिराक में था।
सुरक्षा बलों को बडगाम-पुंछ सीमा से सटे इलाके में आतंकियों की मौजूदगी के बारे में सटीक और गुप्त सूचना मिली थी। इसी इनपुट के आधार पर भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की संयुक्त टीम ने गुरुवार शाम इलाके की घेराबंदी कर तलाश अभियान शुरू किया। सेना ने इस दुर्गम इलाके में चलाए गए पूरे सर्च ऑपरेशन को ‘ऑपरेशन अशदार’ नाम दिया।
सेना की श्रीनगर स्थित 'चिनार कोर' के अनुसार, तलाश अभियान के दौरान सतर्क जवानों को इलाके में संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं। जवानों ने संदिग्धों को ललकारते हुए रुकने का इशारा किया, लेकिन छिपे हुए आतंकवादियों ने भारी और अंधाधुंध गोलाबारी शुरू कर दी। सुरक्षा बलों ने भी त्वरित और आक्रामक जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद दोनों ओर से मुठभेड़ शुरू हो गई।
सेना के अधिकारियों के मुताबिक, मुठभेड़ बडगाम-पुंछ सीमा के पास लगभग 15,000 फीट की अत्यधिक ऊंचाई पर स्थित घने जंगल वाले क्षेत्र में हुई। यह पूरा इलाका पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के अंतर्गत आता है, जो कश्मीर घाटी को सीधे पुंछ-राजौरी जिले से जोड़ता है। ऊबड़-खाबड़ भू-भाग, खड़ी पहाड़ियों और भीषण प्राकृतिक चुनौतियों के बावजूद सुरक्षा बलों ने अपनी रणनीति पर टिके रहकर आतंकी को ढेर कर दिया।
मुठभेड़ स्थल की छानबीन के दौरान सुरक्षा बलों को मारे गए आतंकी के पास से एक एके-सीरीज की स्वचालित राइफल, भारी मात्रा में कारतूस और युद्ध में इस्तेमाल होने वाला अन्य सैन्य सामान मिला है।
घाटी में आतंकवादियों की किसी भी संभावित घुसपैठ और उनके आश्रय स्थलों को खत्म करने के लिए सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर के सभी ऊंचे और दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में चौकसी बढ़ा दी है। घने जंगलों और पहाड़ी रास्तों पर 24 घंटे पैनी नजर रखी जा रही है।
ऊंचाई वाले संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा की निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से कई रणनीतिक स्थानों पर 'अस्थाई ऑपरेटिंग बेस' स्थापित किए गए हैं। हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात ने स्वयं इन टीओबी के कामकाज और दुर्गम इलाकों की समग्र सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी। बडगाम में ‘ऑपरेशन अशदार’ के दौरान पाकिस्तानी आतंकी यासिर के मारे जाने के बाद ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर जोर और बढ़ गया है।