1971 युद्ध के वीर सैनिक विमल चंद जैन को मिला संग्राम मेडल, कोटा में सम्मान की गूंज
1971 युद्ध के वीर सैनिक विमल चंद जैन को संग्राम मेडल मिला। कोटा निवासी जैन के सम्मान और उपलब्धियों की पूरी कहानी जानें।
तस्वीर में 1971 युद्ध के भूतपूर्व सैनिक विमल चंद जैन और उन्हें प्रदान किया गया संग्राम मेडल नजर आ रहा है।
राजस्थान। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अद्वितीय साहस और कर्तव्यनिष्ठा दिखाने वाले सिख रेजिमेंट के भूतपूर्व सैनिक श्री विमल चंद जैन को संग्राम मेडल से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके जीवन का अविस्मरणीय पल बन गया और कोटा जैन समाज सहित क्षेत्र के लोगों ने इसे गौरव का विषय बताया।
सन 1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध भारतीय सैन्य इतिहास की सबसे बड़ी विजयों में से एक माना जाता है। इस युद्ध में पाकिस्तान को करारी शिकस्त मिली थी और पाकिस्तान के लगभग एक लाख सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया था। इसी ऐतिहासिक युद्ध के परिणामस्वरूप बांग्लादेश एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में अस्तित्व में आया।
श्री विमल चंद जैन का जन्म कोटा जिले के छोटे से गांव दरा स्टेशन में हुआ था। संघर्ष और मेहनत के साथ उन्होंने देश सेवा का मार्ग चुना और भारतीय सेना की सिख रेजिमेंट में रहते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। 1971 के युद्ध में उनके योगदान के लिए उन्हें संग्राम मेडल प्रदान किया गया।
आज यह भी गर्व का विषय है कि श्री जैन के परिवार के सदस्य भारत और विदेशों में डॉक्टर, आई.आई.टी. इंजीनियर और जज, टी वी एंकर एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न पदों पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
विदित हो कि श्री जैन को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में "ऑल इंडिया बेस्ट कस्टमर सर्विस अवार्ड" भी प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि उनकी सेवा भावना को दर्शाती है।
कोटा जैन समाज के प्रबुद्धजनों ने श्री जैन के सम्मान पर खुशी जताते हुए कहा कि ऐसे वीर सपूतों पर हम सभी को गर्व है। श्री जैन मूलतः दरा स्टेशन के निवासी रहे हैं और वर्तमान में कोटा के आर.के.पुरम में निवासरत हैं।
श्री विमल चंद जैन ने अभी तक कई बच्चियों को उच्च शिक्षा के लिए मार्गदर्शन देकर उनके जीवन को सफल बनाने में सहयोग किया है। सेना सेवा से लेकर सामाजिक योगदान तक उनका जीवन प्रेरणा का उदाहरण बना हुआ है।