22 अगस्त से पहले भारतीय संस्कृति संरक्षण पायलट प्रोजेक्ट की पूर्व रिहर्सल, विद्यार्थियों ने दिया अनूठा संदेश

फतहनगर में भारतीय संस्कृति संरक्षण पायलट प्रोजेक्ट के तहत पूर्व रिहर्सल आयोजित हुई। 22 अगस्त के मुख्य आयोजन से पहले विद्यार्थियों ने अनूठी प्रस्तुतियों से दिया संदेश।

Update: 2026-08-01 13:10 GMT

तस्वीर में विद्यालय प्रांगण के फर्श पर आकृति बनाकर बैठे हुए स्कूली छात्र और उनका मार्गदर्शन करते शिक्षक दिखाई दे रहे हैं।

फतहनगर। नेशनल यूथ पार्लियामेंट ऑफ़ भारत के मार्गदर्शन में भारतीय संस्कृति संरक्षण पायलट प्रोजेक्ट के तहत शनिवार को महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय भील बस्ती इंटाली तथा कस्तूरबा गांधी राजकीय आवासीय विद्यालय, मावली सहित विभिन्न विद्यालयों में एक साथ 30 मिनट का पूर्व रिहर्सल आयोजित किया गया। रिहर्सल के दौरान विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति संरक्षण का प्रभावी संदेश दिया।

कार्यक्रम समन्वयक डॉ. ललित नारायण आमेटा ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत आगामी 22 अगस्त (शनिवार) को उदयपुर संभाग के सातों जिलों में नर्सरी से कक्षा 12 तक के विद्यार्थी एक ही समय पर भारतीय संस्कृति संरक्षण का अनूठा प्रदर्शन करेंगे। इसी मुख्य आयोजन की तैयारियों के तहत शनिवार को पूर्व रिहर्सल आयोजित किया गया।

रिहर्सल के दौरान नर्सरी से कक्षा 8 तक के बालक-बालिकाओं ने मानव श्रृंखला बनाकर भारत माता, भारत का मानचित्र, राजस्थान का मानचित्र, गौ माता तथा अन्य सांस्कृतिक प्रतीकों की आकर्षक आकृतियां प्रस्तुत कीं। विद्यार्थियों ने इन प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति के संरक्षण का संदेश भी दिया।

वहीं कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों ने ब्लैकबोर्ड पर भारतीय संस्कृति संरक्षण विषय पर चित्रकला बनाकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर रेखा श्री पुरोहित ने पारंपरिक लोककला 'सांझी' का निर्माण कर उसकी विभिन्न आकृतियों का विस्तृत परिचय दिया तथा भारतीय संस्कृति की इस दुर्लभ कला के संरक्षण की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।

कार्यक्रम के अंत में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संकल्प लिया तथा आगामी 22 अगस्त को आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया।

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