‘कोर्ट वाली दीदी’ पेटी से बालिकाओं को मिलेगा सुरक्षा का भरोसा, विधिक सेवा कैंप में बताए अधिकार
खेरवाड़ा के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय भाणदा में विधिक सेवा कैंप आयोजित हुआ। “कोर्ट वाली दीदी” शिकायत पेटी के जरिए बालिकाओं को दुर्व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाने और कानून से मिले अधिकारों की जानकारी दी गई।
तस्वीर में राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय भाणदा के बरामदे में विधिक सेवा कैंप के दौरान नीचे फर्श पर बैठी हुई स्कूली छात्राएं नजर आ रही हैं।
राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय भाणदा में आयोजित विधिक सेवा कैंप में बालिकाओं को शोषण और दुर्व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाने के साथ अपने अधिकारों एवं सुरक्षा के प्रति सजग रहने की जानकारी दी गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला न्यायालय परिसर उदयपुर द्वारा संचालित कार्यक्रम के तहत आयोजित कैंप में सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट खेरवाड़ा ऋषभ राठौड़ उपस्थित रहे।
न्यायाधीश ऋषभ राठौड़ ने बालिकाओं को शोषण एवं दुर्व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाने, स्वयं अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने तथा अच्छे स्पर्श और बुरे स्पर्श में अंतर समझकर सुरक्षित रहने के लिए जागरूक किया। उन्होंने पॉक्सो एक्ट एवं भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत बच्चों को प्राप्त सुरक्षा एवं अधिकारों की जानकारी भी दी।
कैंप के दौरान विद्यालय में “कोर्ट वाली दीदी” के नाम से ताला युक्त शिकायत पेटी स्थापित की गई। बालिकाओं को बताया गया कि विद्यालय में, आने-जाने के रास्ते में अथवा आसपास यदि उनके साथ किसी प्रकार का दुर्व्यवहार होता है तो वे घटना का पूर्ण विवरण लिखकर इस पेटी में डाल सकती हैं। पेटी की चाबी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पास रहेगी तथा लगभग दो माह बाद विद्यालय में पहुंचकर पेटी का निरीक्षण किया जाएगा।
न्यायिक मजिस्ट्रेट राठौड़ ने बालिकाओं को प्रेरित करते हुए अपने जीवन का उदाहरण भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने भी कक्षा 8 तक सरकारी विद्यालय में शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने कहा, “जब मैं मजिस्ट्रेट बन सकता हूं तो आप भी अपने जीवन में कामयाब हो सकती हैं।”
इसके बाद न्यायाधीश ने विद्यालय भवन का गंभीरता एवं रुचि के साथ निरीक्षण किया। उन्होंने प्रधानाचार्य राकेश चौधरी से भवन की स्थिति एवं विद्यालय की आवश्यकताओं की जानकारी ली। प्रधानाचार्य के निवेदन पर उन्होंने अपने स्तर से विद्यालय की समस्याओं के समाधान एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम के दौरान न्यायिक मजिस्ट्रेट राठौड़ ने बालिकाओं से उनके पसंदीदा भ्रमण स्थल के बारे में भी पूछा। बालिकाओं ने चित्तौड़गढ़ भ्रमण की इच्छा व्यक्त की, जिस पर उन्होंने इसे पूरा करवाने का आश्वासन दिया।
विधिक सेवा कैंप के माध्यम से बालिकाओं को अपने अधिकारों, सुरक्षा और कानून के प्रति जागरूक किया गया। “कोर्ट वाली दीदी” शिकायत पेटी के जरिए उन्हें दुर्व्यवहार की घटनाओं की जानकारी सुरक्षित तरीके से सामने रखने का माध्यम भी मिला, जिससे कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं में अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूकता के साथ आत्मविश्वास का संचार हुआ।