उपखंड स्तरीय सम्मान समारोह में प्रतिभाओं का सम्मान, विद्यार्थियों को मिला प्रेरक संदेश
मावली में उपखंड स्तरीय सम्मान समारोह में राजकीय विद्यालयों के प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान हुआ, वक्ताओं ने दिए प्रेरक संदेश।
तस्वीर में मावली के एक बड़े हॉल में आयोजित उपखंड स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह के दौरान बैठी हुई विद्यार्थियों और शिक्षकों की भीड़ दिख रही है।
दोनों शैक्षिक ब्लॉक घासा एवं मावली क्षेत्र के राजकीय विद्यालयों की प्रतिभाओं के सम्मान में उपखंड स्तरीय सम्मान समारोह मावली में आयोजित किया गया। समारोह में कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम के आधार पर प्रत्येक राजकीय विद्यालय से चयनित एक-एक प्रतिभावान विद्यार्थी का सम्मान किया गया।
समारोह की अध्यक्षता सीबीईओ मावली प्रेरणा नोसालिया ने की। कार्यक्रम का संचालन मावली रामादल के महेश शर्मा एवं प्रधानाचार्य जितेन्द्र शर्मा ने किया।
कथा वाचिका अनिशा दीदी ने अपने आशीर्वचन में विद्यार्थियों को एक-दूसरे का सहयोग करने, समाज के प्रति सकारात्मक सोच रखने तथा बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हम समाज को जैसा देंगे, समाज भी हमें वैसा ही लौटाएगा।
अंकित लावटी ने विद्यार्थियों को अनुशासन बनाए रखने, समूह में एकाग्रता के साथ कार्य करने तथा सोशल मीडिया के उपयोग में सावधानी बरतने की सलाह दी।
अध्यक्षीय उद्बोधन में सीबीईओ प्रेरणा नोसालिया ने कहा कि प्रतिभावान विद्यार्थी समाज के लिए प्रेरणास्रोत होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि नकारात्मक विचार अचानक आ सकते हैं, लेकिन सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास करना पड़ता है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शिक्षा के क्षेत्र में होने वाले परिवर्तनों की जानकारी दी। साथ ही कहा कि प्रतिभावान विद्यार्थियों को हर प्रकार का सहयोग उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा विभाग के कार्यालय एवं कार्मिक तथा अधिकारी सदैव तत्पर रहेंगे।
मुख्य वक्ता भारत भूषण ने अपने उद्बोधन में कहा कि व्यक्ति जितना योग्य और सक्षम होता है, उसकी जिम्मेदारी भी उतनी ही बढ़ जाती है। उन्होंने जापान की पारिवारिक संस्कार व्यवस्था एवं भारतीय गुरुकुल परंपरा का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को संस्कार एवं संस्कृति से जुड़े रहने का संदेश दिया। उन्होंने संत रविदास जी के जीवन एवं उनके श्रम की गरिमा का उदाहरण देते हुए कहा कि किसी भी कार्य को छोटा नहीं समझना चाहिए।
समारोह में विभिन्न राजकीय विद्यालयों से चयनित प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारी, प्रधानाचार्य, शिक्षक, विद्यार्थी एवं अभिभावक उपस्थित रहे।