तस्वीर में एक पेट्रोल पंप पर महिला कर्मचारी स्कूटी में ईंधन भरती दिख रही है।

खेरवाड़ा। सरकार की ओर से 2000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई पेमेंट पर एमडीआर चार्ज लगाने के फैसले का असर पेट्रोल पंपों पर दिखना शुरू हो गया है। यहां ऑनलाइन पेमेंट के बजाय कैश पेमेंट को प्राथमिकता देने वाले पोस्टर लगाए जाने लगे हैं।

यूपीआई पर चार्ज लगने की चिंता के बीच पेट्रोल पंप कैश पेमेंट की ओर लौटते नजर आ रहे हैं। सरकार ने 2000 रुपये से ज्यादा के UPI लेनदेन पर 0.4 फीसदी का मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी UPI MDR लागू करने का ऐलान किया है। यह व्यवस्था अगले महीने 15 अक्टूबर से प्रभावी होने वाली है।

हालांकि, UPI MDR चार्ज लागू होने से पहले ही इसका असर दिखाई देने लगा है। दुकानदारों से लेकर व्यापारियों तक में मार्जिन कम होने की चिंता बढ़ी है। खासतौर पर पेट्रोल पंपों पर इसका अलग असर देखने को मिल रहा है, जहां ऑनलाइन भुगतान के बजाय कैश पेमेंट पर जोर दिया जाने लगा है।

खेरवाड़ा में पेट्रोल पंपों पर कैश भुगतान से जुड़े पोस्टर लगाए जाने के बाद यह मुद्दा चर्चा में है। 15 अक्टूबर से 2000 रुपये से अधिक के UPI लेनदेन पर 0.4 फीसदी UPI MDR लागू होने की घोषणा के बीच पेट्रोल पंपों का कैश भुगतान की ओर रुख करना इस बदलाव के संभावित असर को सामने ला रहा है।

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