श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन को मिलेगी नई गति, जयपुर में 1 नवंबर को धर्म संसद का भव्य समापन समारोह
चारों धामों से निकली रथ यात्राओं के तीन वर्ष पूर्ण होने पर जयपुर के कांस्टीट्यूशन क्लब में संयुक्त भारतीय धर्म संसद का अधिवेशन आयोजित किया जाएगा।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर के मुख्य द्वार के सामने खड़े श्रद्धालु और धर्म संसद के सदस्य दिखाई दे रहे हैं।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन अभियान के तहत चार धामों से निकली श्रीकृष्ण रथ यात्राओं के तीन वर्ष के सफल आयोजन के बाद 1 नवंबर 2026 को जयपुर में संयुक्त भारतीय धर्म संसद का राष्ट्रीय अधिवेशन एवं भव्य समापन समारोह आयोजित होगा। संयुक्त भारतीय धर्म संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य राजेश्वर जी के निमंत्रण पर धर्म संसद के सदस्य सुनील चौबीसा अत्रिश इस अधिवेशन में शामिल होने के लिए जयपुर पहुंचेंगे।
यह कार्यक्रम जयपुर स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब, विधान सभा भवन के पीछे आयोजित किया जाएगा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के अंतर्गत द्वारिका, बद्रीनाथ, रामेश्वरम एवं जगन्नाथ पुरी से चारों दिशाओं में निकाली गई श्रीकृष्ण रथ यात्राओं के तीन वर्ष में सफलतापूर्वक पूर्ण होने के उपलक्ष्य में यह समारोह आयोजित किया जा रहा है।
संयुक्त भारतीय धर्म संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य राजेश्वर जी ने बताया कि समारोह में यात्राओं के सहयोगी संत, महंत और समाजसेवियों का सम्मान किया जाएगा। विशेष रूप से उन यात्रियों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने देश के कोने-कोने में जनजागृति की अलख जगाकर हिंदुओं को इस अभियान के लिए प्रेरित किया।
समारोह में मेहंदीपुर बालाजी के महंत श्री नरेश पुरी जी महाराज का सानिध्य रहेगा। इसके साथ ही चारों यात्राओं का कुशल नेतृत्व करने वाले संयुक्त भारतीय धर्म संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कथा व्यास आचार्य श्री राजेश्वर जी महाराज भी मौजूद रहेंगे।
आचार्य राजेश्वर जी महाराज ने बताया कि राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ जी बागडे ने राजभवन में कार्यक्रम के पोस्टर का विमोचन किया और समारोह की सफलता की कामना की। कार्यक्रम के दौरान श्रीकृष्णम महाकाव्य के रचयिता डॉ. कैलाश जी परवाल द्वारा रचित महाकाव्य का पाठ भी किया जाएगा।
अखिल भारतीय सर्व ब्राह्मण महासभा के प्रदेश मंत्री एवं धर्म संसद के सदस्य सुनील चौबीसा अत्रिश ने बताया कि चारों रथ यात्राओं के दौरान देश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जनजागृति के उद्देश्य से लगभग 400 धर्मसभाओं का आयोजन किया गया। इन सभाओं के माध्यम से श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के लिए शंखनाद किया गया। उन्होंने बताया कि इस अभियान को अब और अधिक ताकत दी जाएगी।
अभियान के अगले चरण में मथुरा और देश की राजधानी दिल्ली में बड़ी सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही मथुरा से संपूर्ण राष्ट्र में हर हिंदू के घर से संकल्प दीप अभियान का आगाज बड़े हर्ष के साथ किया जाएगा। चार धामों से शुरू हुई रथ यात्राओं के समापन के बाद अब श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन को देशव्यापी स्तर पर आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।