खेरवाड़ा शांतिनाथ जिनालय में 10 लक्षण विधान के नौवें दिन उत्तम अकिंचनय धर्म की पूजा
खेरवाड़ा के महावीर कॉलोनी स्थित शांतिनाथ जिनालय में पर्यूषण पर्व के नौवें दिन उत्तम अकिंचनय धर्म की पूजा और 10 लक्षण विधान भक्ति भाव से हुआ। शांति धारा और विधान में समाजजनों ने सहभागिता की।
तस्वीर में मंदिर के अंदर पुरुष श्रद्धालु भगवान की मूर्ति के सामने हाथ जोड़े खड़े हैं, और उनके आगे मेज पर भारी मात्रा में सूखे नारियल रखे हुए हैं।
खेरवाड़ा। महावीर कॉलोनी स्थित श्री शांतिनाथ जिनालय में पर्यूषण पर्व के नौवें दिन उत्तम अकिंचनय धर्म की पूजा 10 लक्षण विधान भरकर भक्ति भाव के साथ की गई। धार्मिक आयोजन में समाज के श्रावक-श्राविकाओं ने उपस्थित रहकर धर्म प्रभावना में सहभागिता की।
समाज महामंत्री श्री भूपेंद्र भगोरिया ने बताया कि शांति धारा करने का सौभाग्य श्री रोशन लाल जी लक्ष्मी देवी परिवार ने प्राप्त किया, जबकि विधान के सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य श्री दिलीप मोती माला परिवार को मिला। विधान की रचना श्री भंवर लाल जी के निर्देशन में हुई। अभिषेक एवं शांति धारा का कार्य श्री महेंद्र जैन ने मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया।
समाज अध्यक्ष श्री रोशन लाल जैन ने बताया कि पूजन के दौरान खड़क महासभा के संरक्षक श्रीमान बीटी शाह साहब का कुछ समय के लिए सानिध्य प्राप्त हुआ। जिनालय में प्रतिदिन सायंकाल श्री रंजन जी जैन द्वारा प्रतिक्रमण एवं शास्त्र स्वाध्याय कराया जाता है।
10 लक्षण धर्म का आयोजन आनंदमय भक्ति के साथ निरंतर धर्म प्रभावना के बीच समापन की ओर अग्रसर है। प्रतिदिन इस धार्मिक कार्य में समाज के श्री दिलीप करवाड़ा, सुरेश, राकेश, प्रकाश, राजेश, सुभाष, रजनीकांत, शैलेश, शालीन, विशाल, हर्षित, दीक्षित, शोभना, रसीला, पदमा, मधु, नैना, रीना, संगीता, नीलम, सुभद्रा, कमला, दीपमाला, डिंपल एवं अनेक श्रावक-श्राविका उपस्थित रहकर धर्म प्रभावना के साक्षी बन रहे हैं।