मालवीय लोहार समाज का स्नेह मिलन समारोह, 22 चौखलों के पदाधिकारियों का हुआ सम्मान
फतहनगर में मालवीय लोहार समाज उदयपुर संभाग की सोलह चौखला समिति का स्नेह मिलन समारोह हुआ। 22 चौखलों के पदाधिकारियों का सम्मान किया गया और सामूहिक विवाह समिति को 21 हजार से 51 हजार रुपये तक सहयोग की घोषणाएं हुईं।
तस्वीर में फतहनगर में आयोजित मालवीय लोहार समाज के स्नेह मिलन समारोह के दौरान मंच पर खड़े और बैठे हुए समाज के पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग नजर आ रहे हैं.
फतहनगर। मालवीय लोहार समाज उदयपुर संभाग की सोलह चौखला समिति के तत्वावधान में रविवार को स्नेह मिलन एवं स्वागत समारोह आयोजित किया गया। समारोह में मालवीय लोहार समाज के 22 चौखलों के अध्यक्ष, कार्यकारिणी सदस्यों तथा सामूहिक विवाह समिति के पदाधिकारियों का सम्मान एवं अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता स्थानीय सनवाड़ सेकंड चौखला के अध्यक्ष तुलसीराम लोहार ने की। मुख्य अतिथि सामूहिक विवाह समिति के अध्यक्ष नारायणलाल लोहार कोठारिया वाले रहे। विशिष्ट अतिथि केंद्रीय कार्यकारिणी के उपाध्यक्ष झमकलाल लोहार, सलाहकार भंवरलाल लोहार और रामनारायण लोहार सहित विभिन्न चौखलों से पूर्व अध्यक्ष एवं वर्तमान अध्यक्ष उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ देव रावल लोहार बावजी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ हुआ। इसके बाद बाहर से आए सभी पदाधिकारियों तथा 22 चौखलों के अध्यक्ष एवं कार्यकारिणी सदस्यों का तिलक, उपरणा एवं पगड़ी पहनाकर स्वागत किया गया।
समारोह में समाज सुधार के विषय पर सलाहकार भंवरलाल लोहार ने विचार व्यक्त किए। विवाह समिति के कोषाध्यक्ष भगवतीलाल ने सामूहिक विवाह समिति के अब तक के आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर स्थानीय चौखले की ओर से सामूहिक विवाह आयोजन समिति को 21 हजार रुपये की सहयोग राशि भेंट की गई। नवयुवक मंडल के अध्यक्ष दिलीप लोहार आमली वाले की ओर से भी 21 हजार रुपये, पूर्व अध्यक्ष देवी लाल लोहार ने 51 हजार रुपये तथा सनवाड़ सेकंड चौखला के वर्तमान अध्यक्ष तुलसीराम लोहार ने 51 हजार रुपये की सहयोग राशि देने की घोषणा की। इसके अलावा अन्य समाजबंधुओं ने भी आर्थिक सहयोग की घोषणाएं की।
कार्यक्रम के अंत में स्थानीय चौखले के संरक्षक मोहनलाल ने सभी अतिथियों एवं समाजबंधुओं का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन तुलसीराम लोहार सनवाड़ एवं पुष्कर लोहार वल्लभनगर ने किया। समारोह के समापन पर समाजबंधुओं ने सामूहिक रूप से भोजन प्रसाद ग्रहण किया।