खेरवाड़ा-ऋषभदेव क्षेत्र के वाहन मालिकों को टोल पास के खर्च में बड़ी राहत मिलने जा रही है। नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के भीतर रहने वाले स्थानीय वाहन मालिकों को 1 नवंबर से सालाना पास की सुविधा मिलेगी। अभी पात्र वाहन मालिकों को 360 रुपये का मासिक पास लेना पड़ता है और इसे हर महीने रिन्यू कराना होता है। नई व्यवस्था लागू होने से उन्हें बार-बार पास नवीनीकरण कराने से राहत मिलेगी और सालाना खर्च में भी बचत होगी।

भाजपा के वरिष्ठ नेता पारस जैन ने बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस संबंध में नए नियम अधिसूचित किए हैं। इन नियमों के तहत सालाना पास की फीस वाहन मालिक के घर की स्थिति के बजाय टोल प्लाजा की लोकेशन के आधार पर निर्धारित होगी। यदि टोल प्लाजा नगर पालिका या स्थानीय नगर सीमा से बाहर स्थित है, तो सालाना पास के लिए 1500 रुपये देने होंगे। वहीं, टोल प्लाजा नगर सीमा के भीतर होने पर सालाना पास की फीस 3000 रुपये होगी।

इस नई व्यवस्था से खेरवाड़ा क्षेत्र के वाहन मालिकों को आर्थिक राहत मिलेगी। फिलहाल टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र वाहन मालिकों को 360 रुपये का मासिक पास लेना पड़ता है। इस हिसाब से एक साल में कुल 4320 रुपये खर्च होते हैं। नई व्यवस्था में 1500 रुपये का सालाना पास लेने पर वाहन मालिकों को 2820 रुपये यानी 65 प्रतिशत की बचत होगी। वहीं, 3000 रुपये वाले सालाना पास की स्थिति में सालाना खर्च में 1320 रुपये यानी 31 प्रतिशत की बचत होगी।

सालाना पास की सुविधा टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के भीतर रहने वाले निजी और गैर-वाणिज्यिक वाहन मालिकों को ही मिलेगी। इसके लिए वाहन में चालू फास्टैग होना अनिवार्य है। यह पास केवल उसी टोल प्लाजा पर मान्य होगा, जिसके लिए इसे जारी किया गया है। जिन स्थानों पर सर्विस रोड उपलब्ध है, वहां यह पास नहीं मिलेगा। इसके अलावा, क्लोज्ड टोल सिस्टम वाले एक्सप्रेस वे भी इस सुविधा के दायरे से बाहर रहेंगे।

नई व्यवस्था के तहत पात्र वाहन मालिकों को मासिक पास के बजाय सालाना पास लेने का विकल्प मिलेगा। इससे खेरवाड़ा-ऋषभदेव क्षेत्र के उन वाहन मालिकों को राहत मिलेगी, जो निर्धारित 20 किलोमीटर के दायरे में रहते हैं और नियमित रूप से संबंधित टोल प्लाजा से गुजरते हैं।

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