खेरवाड़ा में कुक कम हेल्परों का 15 माह का मानदेय बकाया, भुगतान नहीं हुआ तो घेराव की चेतावनी
खेरवाड़ा में कुक कम हेल्परों का दूध गर्म करने का 15 माह और पोषाहार पकाने का 7 माह का मानदेय बकाया है। समिति ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर भुगतान की मांग की और दो दिन में राशि नहीं मिलने पर कार्यालय घेराव की चेतावनी दी।
खेरवाड़ा में बकाया मानदेय के भुगतान की मांग को लेकर उपखंड अधिकारी निलेश कुमार कलाल को ज्ञापन सौंपते कुक कम हेल्पर संघर्ष समिति के सदस्य।
खेरवाड़ा में कुक कम हेल्परों को 15 माह से दूध गर्म करने और 7 माह से पोषाहार पकाने का मानदेय नहीं मिलने का मामला सामने आया है। बकाया भुगतान की मांग को लेकर कुक कम हेल्पर संघर्ष समिति ने उपखंड अधिकारी निलेश कुमार कलाल को ज्ञापन सौंपकर लंबित राशि का भुगतान कराने और अतिरिक्त कार्य के लिए अतिरिक्त मानदेय देने की मांग की। उपखंड अधिकारी ने दीपावली से पहले भुगतान कराने का आश्वासन दिया, लेकिन समिति ने स्पष्ट किया कि इससे पहले भी दो बार दो दिन में भुगतान कराने का आश्वासन दिया जा चुका है, इसके बावजूद अब तक बकाया राशि नहीं मिली है।
समिति के सदस्यों ने बताया कि बकाया मानदेय के भुगतान के लिए मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को लगातार पत्र दिए जा रहे हैं। उपखंड अधिकारी को तीन बार ज्ञापन सौंपने के साथ जिला शिक्षा अधिकारी, जिला कलेक्टर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी से भी भुगतान की मांग की जा चुकी है। इसके बावजूद मानदेय लंबित है। सदस्यों का कहना है कि कुक कम हेल्परों से कार्य करवाने के समय शिक्षक और अधिकारी तत्पर रहते हैं, लेकिन मानदेय की मांग करने पर उनकी सुनवाई नहीं होती।
समिति के सलाहकार नाना भगत ने बताया कि अन्य जिलों में कुक कम हेल्परों के मानदेय का भुगतान हो चुका है, जबकि उदयपुर जिले में दूध गर्म करने का मानदेय 15 माह और पोषाहार पकाने का मानदेय 7 माह से बकाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दो दिन में भुगतान नहीं हुआ तो संबंधित कार्यालय का घेराव किया जाएगा। बकाया मानदेय मिलने के बाद ही आंदोलन समाप्त किया जाएगा।
कुक कम हेल्पर संघर्ष समिति लंबे समय से मानदेय और सेवा संबंधी विभिन्न मांगों को लेकर संघर्ष कर रही है। समिति की प्रमुख मांगों में कुक कम हेल्परों को केरल की तर्ज पर 13,500 रुपये मासिक मानदेय देना, नियुक्ति पत्र, पहचान पत्र और वर्दी उपलब्ध कराना, प्रत्येक 50 विद्यार्थियों पर एक कुक नियुक्त करना तथा सेवारत कुक कम हेल्परों को स्थायी करना शामिल है। इसके साथ ही पेंशन, ग्रेच्युटी, बीमा, पीएफ, कर्मचारी राज्य बीमा की सुविधा, हर माह नियमित भुगतान और बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से राशि जमा कराने की मांग भी की गई है।
समिति ने राजस्थान में पार्ट टाइम कॉन्ट्रैक्चुअल हायरिंग रूल्स 2023 लागू करने और 45वें भारतीय श्रम सम्मेलन के प्रस्तावों के अनुरूप कुक कम हेल्परों को मजदूर का दर्जा देने की मांग उठाई है। समिति का कहना है कि अवकाश अवधि का वेतन नहीं काटा जाए और उन्हें 12 माह का मानदेय दिया जाए। इसके अलावा पंजाब की तर्ज पर 180 दिन का सवेतन प्रसूति अवकाश, 20 दिन का आकस्मिक अवकाश और 10 दिन का चिकित्सा अवकाश देने की मांग भी की गई है।
बाल गोपाल योजना के तहत दूध गर्म करने के कार्य के लिए मानदेय बढ़ाने की मांग भी समिति की मांगों में शामिल है। समिति का कहना है कि लंबित भुगतान के साथ-साथ मानदेय, सेवा शर्तों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी मांगों पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
उपखंड अधिकारी निलेश कुमार कलाल को ज्ञापन सौंपने के दौरान कुक कम हेल्पर संघर्ष समिति के सलाहकार नाना भगत, मनीषा, हकरी, प्रेमलता सहित समिति के सदस्य उपस्थित रहे। अब समिति की ओर से दो दिन में भुगतान नहीं होने पर संबंधित कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी गई है।