कुक कम हेल्पर संघर्ष समिति के सदस्य खेरवाड़ा उपखंड अधिकारी कार्यालय में ज्ञापन देते हुए।

खेरवाड़ा में कुक कम हेल्पर संघर्ष समिति ने 29 अक्टूबर 2026 को उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर 15 माह से दूध गर्म करने और 7 माह से पोषाहार पकाने का बकाया मानदेय दिलाने तथा अतिरिक्त काम का अतिरिक्त भुगतान करने की मांग की। उपखंड अधिकारी नीलेश कुमार कलाल ने दीपावली से पहले मानदेय का भुगतान कराने का आश्वासन दिया। हालांकि, समिति के अनुसार, उपखंड अधिकारी इससे पहले भी दो बार दो दिन में भुगतान कराने का आश्वासन दे चुके हैं।

कुक कम हेल्पर संघर्ष समिति खेरवाड़ा की हकरी बाई ने बताया कि समिति बकाया वेतन दिलाने की मांग को लेकर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को लगातार पत्र सौंप रही है। समिति तीन बार उपखंड अधिकारी को ज्ञापन दे चुकी है। इसके अलावा जिला शिक्षा अधिकारी, जिला कलेक्टर तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी से भी बकाया मानदेय दिलाने की गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद भुगतान नहीं किया जा रहा है।

कुक मनीषा ने कहा कि कुक कम हेल्परों की पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं है। उन्होंने बताया कि जब कुक से काम लेना होता है, तब शिक्षक, अधिकारी और कर्मचारी उनके सिर पर बैठे रहते हैं, लेकिन वेतन मांगने पर सभी गायब हो जाते हैं।

समिति के सलाहकार नाना भगत ने बताया कि अन्य जिलों में कुक कम हेल्परों के मानदेय का भुगतान हो चुका है, जबकि उदयपुर में दूध गर्म करने का मानदेय 15 महीने से और पोषाहार पकाने का मानदेय 7 महीने से बकाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कुक कम हेल्परों को दो दिन में वेतन नहीं मिला तो संबंधित कार्यालय का घेराव किया जाएगा। समिति के सदस्य वेतन मिलने के बाद ही वहां से हटेंगे।

कुक प्रेमलता ने बताया कि कुक कम हेल्पर संघर्ष समिति पिछले कई वर्षों से कुक के मानदेय और सेवा शर्तों में सुधार सहित विभिन्न मांगों को लेकर संघर्ष कर रही है। समिति की प्रमुख मांग है कि कुक को केरल की तरह 13,500 रुपये मासिक मानदेय दिया जाए। सभी कुक कम हेल्परों को नियुक्ति पत्र, पहचान पत्र और वर्दी उपलब्ध कराई जाए तथा प्रत्येक 50 विद्यार्थियों पर एक कुक नियुक्त किया जाए। वर्तमान में सेवारत सभी कुक कम हेल्परों को स्थायी करने और किसी को भी काम से नहीं हटाने की मांग भी की जा रही है।

समिति सभी कुक को पेंशन और ग्रेच्युटी देने, पंजाब की तरह राजस्थान के कुक कम हेल्परों को भी 180 दिन का सवेतन प्रसूति अवकाश, 20 दिन का आकस्मिक अवकाश और 10 दिन का मेडिकल अवकाश देने की मांग कर रही है। इसके साथ ही राजस्थान पार्ट टाइम कॉन्ट्रैक्चुअल हायरिंग रूल 2023 लागू कर कुक कम हेल्परों की नियुक्ति देने तथा 45वीं इंडियन लेबर कांफ्रेंस के प्रस्ताव को लागू कर उन्हें मजदूर मानने की मांग भी शामिल है।

प्रेमलता के अनुसार, हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार राजस्थान के कुक कम हेल्परों की छुट्टियों का वेतन नहीं काटने और उन्हें 12 माह का वेतन देने की मांग की जा रही है। इसके अलावा सभी कुक का बीमा कराने, पीएफ और कर्मचारी राज्य बीमा की सुविधा देने, हर महीने मानदेय का भुगतान करने तथा राशि सीधे कुक के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से जमा कराने की मांग भी समिति उठा रही है। बाल गोपाल योजना के अंतर्गत दूध गर्म करने के लिए मिलने वाले मानदेय में बढ़ोतरी भी समिति की मांगों में शामिल है।

बकाया मानदेय के भुगतान को लेकर समिति ने एक बार फिर प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखी हैं। दीपावली से पहले भुगतान कराने के उपखंड अधिकारी के आश्वासन के बीच समिति ने दो दिन में वेतन नहीं मिलने पर संबंधित कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी है।

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