तस्वीर में खेरवाड़ा में पर्युषण पर्व की पूर्णाहुति के अवसर पर सिर पर थाली रखकर चलते श्रद्धालु नजर आ रहे हैं।   

खेरवाड़ा में सकल दिगंबर दशाहुमड़ जैन समाज खेरवाड़ा की ओर से दस दिवसीय पर्युषण पर्व धार्मिक श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पर्युषण पर्व के दौरान समाजजनों ने पूजा-अर्चना, स्वाध्याय, तप एवं विभिन्न धार्मिक आयोजनों में उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। अनंत चतुर्दशी के अवसर पर पर्व के अंतिम दिवस दस लक्षण विधान की पूर्णाहुति की गई तथा दशम दिन विशेष धार्मिक विधान संपन्न हुआ।

पर्युषण पर्व के अंतिम दिन भगवान वासुपूज्य के मोक्ष कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विधि-विधान के साथ भगवान वासुपूज्य को निर्वाण लड्डू अर्पित किया गया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ पूजन-अर्चन कर धर्मलाभ लिया।

इसी अवसर पर सदर बाजार स्थित श्री नेमिनाथ जैन मंदिर में तीन ध्वजाएं भी चढ़ाई गईं। भगवान नेमिनाथ की ध्वजा का पुण्यार्जन श्री राकेश जी भीखालाल जी शाह, भगवान पार्श्वनाथ की ध्वजा का पुण्यार्जन श्री प्रफुल्ल जी भीखालाल जी शाह तथा भगवान महावीर स्वामी की ध्वजा का पुण्यार्जन श्री हेवन जी पनमचंद जी फड़िया ने किया।

दस दिवसीय पर्युषण पर्व के दौरान नेमिनाथ नवयुवक मंडल की ओर से विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान पर्युषण पर्व में तप-साधना करने वाले तपस्वियों का सम्मान कर उनकी तपस्या की अनुमोदना की गई।

समाजजनों ने दस दिनों तक पर्युषण पर्व को पूर्ण धार्मिक भावना, श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ मनाया। अंतिम दिवस मंदिर परिसर में आयोजित धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में समाज की सामूहिक सहभागिता देखने को मिली।

समाज के अध्यक्ष श्री सतीश जी पंचोली एवं मंत्री श्री सौरभ जैन ने बताया कि दस दिवसीय पर्युषण पर्व के सभी धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में समाजजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसी के साथ अनंत चतुर्दशी पर दस लक्षण विधान की पूर्णाहुति और भगवान वासुपूज्य के मोक्ष कल्याण महोत्सव के साथ पर्व के धार्मिक आयोजनों का समापन हुआ।

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