पति-पत्नी की दोहरी हत्या के मामले में छह आरोपियों को आजीवन कारावास, अर्थदंड भी लगाया
खेरवाड़ा में पति-पत्नी की दोहरी हत्या के मामले में छह आरोपियों को अदालत ने दोषी ठहराकर आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई।
खेरवाड़ा में पति-पत्नी की हत्या के मामले में अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश, खेरवाड़ा, जिला उदयपुर के पीठासीन अधिकारी डॉ. जगदीश कुंतल ने छह अभियुक्तों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास तथा अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने मृतक बंशीलाल एवं उसकी पत्नी लक्ष्मीदेवी के परिजनों तथा घायलों को प्रतिकर दिलाने के लिए प्रकरण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उदयपुर को भेजने की अनुशंसा भी की।
प्रकरण के अनुसार प्रार्थी रविना ने 9 मार्च 2020 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि 8 मार्च की रात 8 से 9 बजे के बीच गांव धोड़ी फला विहीरी में आरोपीगण घातक हथियारों से लैस होकर पहुंचे। आरोपियों ने विशाल, अजीत, रामजी, मंजुला और सविता के साथ मारपीट कर उन्हें प्राणघातक चोटें पहुंचाईं। इसी दौरान बंशीलाल एवं उसकी पत्नी लक्ष्मीदेवी की लट्ठ, चाकू व छुरे से मारपीट कर हत्या कर दी गई।
घटना के संबंध में थाना ऋषभदेव में प्रकरण दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले में अनुसंधान पूरा करने के बाद आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया।
मामले की सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक संदेश कोठारी ने अभियोजन पक्ष की ओर से 33 गवाहों के बयान तथा 47 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर दशरथ उर्फ नाथूलाल पिता हांजाराम, रमेश पिता हांजाराम, प्रकाश पिता हांजाराम, मंजू पत्नी दशरथ, माया पत्नी प्रकाश एवं सविता पत्नी हांजा को दोषी माना।
न्यायालय ने सभी छह आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 148, 149, 302, 323, 326 व 324 के तहत दोषसिद्ध करते हुए आजीवन कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया। साथ ही मृतक बंशीलाल व लक्ष्मीदेवी के परिजनों एवं आहतों को प्रतिकर दिलाने के लिए प्रकरण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उदयपुर को भेजने की अनुशंसा की। इस फैसले के साथ पति-पत्नी की दोहरी हत्या के मामले में छह अभियुक्तों को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई।