बाघेरी नाका से मीठा पानी लाने की मांग, बागोलिया फीडर योजना पर उठे सवाल
मावली की बागोलिया फीडर योजना में उदयसागर से पानी लाने पर किसानों ने जताई आपत्ति। बाघेरी नाका से मीठा पानी लाने, 190 करोड़ की योजना और भूमि अवाप्ति से पहले निर्माण की जांच की मांग उठी।
तस्वीर में मावली तहसील के ग्रामीण और किसान बागोलिया बांध फीडर परियोजना के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक बैठक में बैठे नजर आ रहे हैं।
मावली में बागोलिया बांध फीडर परियोजना को लेकर किसानों और ग्रामीणों ने उदयसागर से पानी लाने के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई है। पूर्व सरपंच भीमल खेमसिंह राणावत ने कई गांवों के किसानों को एकत्र कर मांग की कि मावली क्षेत्र में नाथद्वारा के बाघेरी नाका से मीठा पानी उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि क्षेत्रवासी दूषित पानी स्वीकार नहीं करेंगे।
राणावत ने कहा कि उदयसागर का पानी मावली क्षेत्र में आने से भविष्य में तहसील के पेयजल और भूजल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इससे खेती योग्य भूमि, मवेशियों के लिए पानी तथा कुओं के जल पर भी असर पड़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासी केवल स्वच्छ और मीठे पानी की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने 190 करोड़ रुपये की प्रस्तावित योजना पर भी सवाल उठाए। राणावत का कहना है कि यदि बाघेरी नाका से पानी लाया जाए तो यह कार्य कम लागत में संभव हो सकता है। इसके साथ ही उन्होंने भूमि अवाप्ति की प्रक्रिया पूरी हुए बिना निर्माण कार्य शुरू किए जाने के मामले की जांच की मांग उठाई।
ग्रामीणों ने किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे को लेकर भी स्पष्टता की मांग की है। इस संबंध में ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जनभावनाओं की अनदेखी की गई तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
इस दौरान हरलाल गुर्जर ने कहा कि पूर्व में तैयार डीपीआर के अनुसार ही नहर निर्माण किया जाना चाहिए। बागोलिया फीडर योजना को लेकर ग्रामीणों की आपत्तियों, पानी के स्रोत और निर्माण प्रक्रिया पर उठे सवालों के बीच अब क्षेत्रवासियों ने अपनी मांग स्पष्ट कर दी है।