तस्वीर में कृषि विभाग और सेंटर फॉर माइक्रोफाइनेंस के अधिकारी और कर्मचारी समन्वय बैठक के दौरान बैनर पकड़े हुए खड़े नजर आ रहे हैं।

खेरवाड़ा में किसानों तक कृषि योजनाओं, तकनीकी जानकारी और प्राकृतिक खेती से जुड़ी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से पहुंचाने को लेकर कृषि विभाग एवं सेंटर फॉर माइक्रोफाइनेंस (सीएमएफ) के बीच समन्वय बैठक आयोजित हुई। बैठक 10 सितंबर को कृषि विभाग के कार्यालय, खेरवाड़ा में कृषि विभाग एवं सेंटर फॉर माइक्रोफाइनेंस संस्था के संयुक्त तत्वावधान में हुई।

बैठक में कृषि विभाग एवं सीएमएफ के अधिकारियों, कृषि पर्यवेक्षकों और स्टाफ ने भाग लिया। इस दौरान किसानों तक कृषि विभाग की योजनाओं, तकनीकी जानकारी तथा प्राकृतिक खेती से जुड़ी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से पहुंचाने को लेकर मंथन किया गया।

सीएमएफ की टीम ने क्षेत्र में किसानों एवं ग्रामीण परिवारों के साथ आजीविका, कृषि, प्राकृतिक खेती, प्रशिक्षण एवं सामुदायिक संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण को लेकर किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए ग्राम स्तर पर नियमित प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

बैठक में किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीक, कृषि आदानों के उपयोग और फसल प्रबंधन की व्यवहारिक जानकारी देने पर चर्चा हुई। आवश्यकता के अनुसार संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर भी सहमति बनी।

कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाने, आवश्यक दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी देने तथा समय पर आवेदन के लिए किसानों को प्रेरित करने को लेकर भी चर्चा हुई। विशेष रूप से सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत ड्रिप आदि प्रणालियों के माध्यम से पानी की बचत और सिंचाई दक्षता बढ़ाने के लिए किसानों को जागरूक करने पर जोर दिया गया।

ग्राम स्तर पर किसानों की सूची तैयार कर उनकी जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण के विषय तय करने और कृषि विभाग व सीएमएफ के बीच नियमित समन्वय बनाए रखने की बात कही गई। इसके साथ ही कृषि के साथ पशुपालन एवं अन्य आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

बैठक में संयुक्त प्रशिक्षण, किसान सूची के आदान-प्रदान तथा आगामी गतिविधियों की कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति बनी। अधिकारियों ने कहा कि विभागीय तकनीकी सहयोग और सीएमएफ की ग्राम स्तर पर पहुंच के समन्वय से किसानों को योजनाओं, प्रशिक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन का अधिक प्रभावी लाभ मिल सकेगा।

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