खेरवाड़ा के आदिनाथ जिनालय में बच्चों के लिए जैन पाठशाला की शुरुआत
स्वास्तिक कॉलोनी में 8 वर्ष से ऊपर के बच्चों को धार्मिक और नैतिक संस्कार देने के उद्देश्य से हर रविवार पाठशाला का संचालन किया जाएगा।
तस्वीर में खैरवाड़ा स्थित आदिनाथ जिनालय परिसर के भीतर पूजा और प्रार्थना के दौरान उपस्थित श्रद्धालु दिखाई दे रहे हैं।
खेरवाड़ा स्थित आदिनाथ जिनालय में बच्चों में धार्मिक संस्कार और धर्म के प्रति रुचि जगाने की दिशा में एक पहल की गई। पण्डित आचार्य नितिन जी के सानिध्य में 8 वर्ष से ऊपर के बच्चों में धार्मिक संस्कारों का बीजारोपण किया गया। बच्चों ने जिनालय में अभिषेक, पूजा-पाठ और अर्चना कर धार्मिक संस्कारों के प्रति अपनी श्रद्धा भी प्रदर्शित की।
समाज अध्यक्ष योगेश शाह ने बताया कि कई बार नन्हे बच्चे अभिषेक के दौरान अनजाने में कुछ गलतियां कर बैठते हैं। जैन परंपरा और मान्यता के अनुसार इस उम्र में उनकी श्रद्धा और भावनाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, न कि उनकी कमियों को।
जैन धर्म में पाठशाला एक ऐसा धार्मिक और नैतिक शिक्षण केंद्र है, जहां बच्चों, युवाओं और बड़ों को जीवन मूल्यों की शिक्षा दी जाती है। इसी दृष्टिकोण के तहत पण्डित नितिन जी द्वारा जिनालय में पाठशाला के लिए अभिप्रेरित किया गया। इसके बाद आदिनाथ जिनालय जैन पाठशाला स्वास्तिक कॉलोनी, खैरवाड़ा (AJJPSK) के नाम से पाठशाला का अनावरण किया गया।
पाठशाला का संचालन माह के हर रविवार को रखा गया है। इसके संचालन के लिए संरक्षक शांतिलाल जी वखारिया, लक्ष्मी देवी, लीना देवी एवं पाठशाला शिक्षिका चन्दा देवी, दीपिका देवी, रीना देवी, पायल देवी, प्रियंका देवी, रुपल देवी, रुचिका देवी एवं खुश्बू देवी को मनोनीत किया गया।
इस दौरान सामाजिक कार्यकारिणी, कार्यकर्ता, महिला मंडल एवं प्रबुद्ध सामाजिक नागरिक उपस्थित रहे। आदिनाथ जिनालय में शुरू की गई यह पाठशाला बच्चों को धार्मिक एवं नैतिक शिक्षा से जोड़ने की पहल के रूप में सामने आई है।