खेरवाड़ा कन्या महाविद्यालय में आत्मरक्षा प्रशिक्षण के दो सप्ताह पूरे, छात्राओं ने सीखी बचाव तकनीकें
खेरवाड़ा कन्या महाविद्यालय में आत्मरक्षा शिविर के दो सप्ताह पूरे हुए, छात्राओं ने हमले से बचाव, प्राथमिक उपचार और सजगता की तकनीकें सीखीं।
खेरवाड़ा स्थित राजकीय कन्या महाविद्यालय में छात्राओं को आत्मनिर्भर, जागरूक, साहसी एवं आत्मविश्वासी बनाने के उद्देश्य से आयोजित 24 दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर के दो सप्ताह पूर्ण हो गए हैं। महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. प्रवीण पांड्या के मार्गदर्शन एवं रानी लक्ष्मीबाई केंद्र प्रभारी डॉ. वंदना सांखला के समन्वय में शिविर के दौरान विभिन्न ज्ञानवर्धक एवं व्यावहारिक गतिविधियां आयोजित की गईं।
प्रशिक्षण शिविर के प्रथम सप्ताह में प्रो. प्रवीण पांड्या ने छात्राओं को साहस एवं आत्मविश्वास के साथ विपरीत परिस्थितियों और खतरों का सामना करने की जानकारी दी। डॉ. सुमन राठौर ने साहसी एवं प्रेरणादायी महिलाओं के जीवन, संघर्ष, उपलब्धियों और साहस से छात्राओं को परिचित कराया।
कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की महिला कांस्टेबल सुगना गरासिया एवं संगीता डिंडोर ने आत्मरक्षा विषय पर सामूहिक चर्चा की। इस दौरान राजकोप सिटीजन एप की जानकारी देने के साथ छात्राओं को बेसिक वार्मअप भी कराया गया।
द्वितीय सप्ताह में महिला प्रशिक्षकों ने पंच एवं ब्लॉक सहित विभिन्न आत्मरक्षा तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। अचानक होने वाले हमले की स्थिति में स्वयं को सुरक्षित रखने, हमलावर से दूरी बनाए रखने तथा कोहनी एवं घुटनों के सुरक्षित व नियंत्रित प्रयोग से बचाव की तकनीकों का अभ्यास कराया गया। वीडियो प्रदर्शन के माध्यम से वास्तविक परिस्थितियों में सजगता, त्वरित प्रतिक्रिया और आत्मरक्षा के प्रभावी उपायों की जानकारी भी दी गई।
शिविर के दौरान डॉ. नेहा चारण ने व्यक्तिगत स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं स्वस्थ जीवनशैली पर उपयोगी व्याख्यान दिया। वहीं डॉ. श्री शेखावत ने प्राथमिक उपचार विषय पर जानकारी देते हुए दुर्घटना अथवा आकस्मिक स्थिति में चिकित्सकीय सहायता मिलने तक किए जाने वाले प्राथमिक उपचार एवं आवश्यक सावधानियों के बारे में बताया।
दो सप्ताह के दौरान आयोजित प्रशिक्षण एवं विभिन्न गतिविधियों से छात्राओं के शारीरिक एवं मानसिक आत्मबल, साहस, सजगता और आत्मविश्वास में वृद्धि हुई।