खेरोदा में मेवाड़ के पारंपरिक लोकनाट्य गवरी का आगाज, कलाकारों ने लिया संकल्प
महंत महेंद्र गिरी ने पूजा-अर्चना कर गवरी की रस्म संपन्न कराई, कलाकारों ने सवा महीने के कठिन व्रत और नियमों का लिया संकल्प।
तस्वीर में खेरोदा में पारंपरिक वेशभूषा और वाद्ययंत्रों के साथ एकत्र गवरी कलाकार और ग्रामीण दिख रहे हैं।
खेरोदा कस्बे में मेवाड़ के प्रसिद्ध पारंपरिक लोकनाट्य गवरी का बुधवार, 02-09-2026 को विधिवत शुभारंभ हुआ। बग्गड़ की गवरी खेरोदा में भगमा लेने पहुंची, जहां बस स्टैंड स्थित महंत महेंद्र गिरी गोस्वामी ने शुभ मुहूर्त में पूजा-अर्चना के साथ गवरी लेने की पारंपरिक रस्म संपन्न कराई।
इस अवसर पर खेड़ाखुट माताजी के भोपाजी दिलीप मीणा, मांगीलाल, सुरेश गमेती, गुड़लिया, दो राई सहित सभी गवरी कलाकारों ने माताजी की विशेष आराधना की। इसके बाद कलाकारों ने गवरी धारण कर सवा महीने तक चलने वाले इस लोकपर्व के दौरान कठिन व्रत, तप और कड़े नियमों की पालना का संकल्प लिया।
धार्मिक अनुष्ठान के बाद ढोल, थाली और मांदल की पारंपरिक थाप के साथ कस्बे में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा का ग्रामीणों ने स्वागत किया। गवरी लेने के दौरान अनुरुद्ध सिंह शक्तावत, पूर्व सरपंच चंपालाल शर्मा, भेरू सिंह, रामलाल मांगीलाल मीणा, प्रकाश माली सहित ग्रामीण एवं समाजजन उपस्थित रहे।
खेरोदा में गवरी के विधिवत शुभारंभ के साथ ही सवा महीने तक चलने वाले इस पारंपरिक लोकपर्व की धूम शुरू हो गई है। गवरी कलाकारों द्वारा व्रत, तप और निर्धारित नियमों की पालना के साथ लोकनाट्य की परंपरा को आगे बढ़ाया जाएगा।