खेरोदा सीएचसी में विशेषज्ञ डॉक्टरों का अभाव, गाइनोलॉजिस्ट और सीनियर डॉक्टर की नियुक्ति की मांग
खेरोदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नए भवन में स्थानांतरित होने के बावजूद विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। सीनियर डॉक्टर, गाइनोलॉजिस्ट और शिशु रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं होने से एक दर्जन गांवों के मरीजों को उदयपुर जाना पड़ रहा है।
तस्वीर में उदयपुर जिले के खेरोदा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का नया भवन दिख रहा है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद रिक्त होने से मरीजों को परेशानी हो रही है।
खेरोदा कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का नया भवन तैयार होने और अस्पताल के वहां स्थानांतरित होने के बावजूद ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल में सीनियर डॉक्टर, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ (गाइनोलॉजिस्ट) और शिशु रोग विशेषज्ञ के पद रिक्त होने से खेरोदा सहित आसपास के करीब एक दर्जन ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
खेरोदा, 05 नवंबर 2026। ग्रामीणों के अनुसार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नए भवन में संचालित हो चुका है, लेकिन यहां वर्तमान में न तो कोई सीनियर डॉक्टर तैनात है और न ही गाइनोलॉजिस्ट तथा शिशु रोग विशेषज्ञ जैसी महत्वपूर्ण विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध हैं। वरिष्ठ चिकित्सकों के पद रिक्त होने के कारण मरीजों को सामान्य जांच और उपचार के लिए भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
खेरोदा स्थित इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कस्बे सहित आसपास के करीब एक दर्जन ग्रामीण क्षेत्रों की आबादी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निर्भर है। ऐसे में अस्पताल में सीनियर डॉक्टर, गाइनोलॉजिस्ट और अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति होने से ग्रामीण क्षेत्र के सैकड़ों परिवारों को अपने ही इलाके में उपचार की सुविधा मिल सकेगी।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी का सबसे अधिक असर गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को उठाना पड़ रहा है। अस्पताल में आवश्यक विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें उपचार के लिए जिला मुख्यालय उदयपुर या अन्य निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है। इससे ग्रामीण परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। साथ ही, समय पर उपचार नहीं मिलने का जोखिम भी बना रहता है।
ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि खेरोदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जल्द से जल्द योग्य एवं वरिष्ठ चिकित्सकों की नियुक्ति की जाए। विशेष रूप से सीनियर डॉक्टर, गाइनोलॉजिस्ट और शिशु रोग विशेषज्ञ की तैनाती की मांग की गई है, ताकि आसपास के एक दर्जन गांवों के लोगों को उपचार के लिए उदयपुर और निजी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़े।
नए भवन में अस्पताल के स्थानांतरण के बाद अब ग्रामीणों की प्रमुख मांग यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की है, जिससे क्षेत्र के लोगों को सुलभ और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं अपने नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मिल सकें।