मेनार मेले में उमड़ी मेलार्थियों की भीड़, 100 से अधिक पशुओं की आवक से व्यापार में तेजी
खेरोदा के हिरोला की छापर में 28वें श्री अम्बामाता विशाल आमजन एवं पशुमेले के तीसरे दिन मेलार्थियों की भीड़ उमड़ी। 100 से अधिक पशुओं की आवक, राजा भरतहरि का मंचन और 7 नवंबर के कवि सम्मेलन की तैयारियां चर्चा में हैं।
खेरोदा की हिरोला की छापर में आयोजित 28वें श्री अम्बामाता विशाल आमजन एवं पशुमेले के दौरान रंग-बिरंगी रोशनी और झूलों के बीच शाम को घूमते मेलार्थी।
खेरोदा, 5 नवंबर 2026। हिरोला की छापर में आयोजित नौ दिवसीय 28वें श्री अम्बामाता विशाल आमजन एवं पशुमेले में तीसरे दिन मेलार्थियों की भीड़ उमड़ी। सुबह से देर रात तक मेला स्थल पर लोगों की आवाजाही बनी रही। खानपान, मिठाइयों, खिलौनों और घरेलू सामान की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ रही। वहीं, चकरी, डोलर, ब्रेक डांस और सर्कस बच्चों के आकर्षण का केंद्र बने रहे।
मेले में रघुकुल रामायण मंडल साकरोदा ग्रुप की ओर से राजा भरतहरि के जीवन पर आधारित नाट्य मंचन किया गया। सरपंच सुमित्रा रमेश सांगावत और उपसरपंच संजय लच्छीरामोत ने बताया कि मंचन में प्रेम, मोह, त्याग और वैराग्य से जुड़े प्रसंगों की प्रभावशाली प्रस्तुति दी गई, जिसने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
पशु व्यापार की गतिविधियों में भी तेजी देखने को मिली। खूंटा पर्ची प्रभारी नारायणलाल दियावत के अनुसार, मेले में अब तक 100 से अधिक पशुओं की आवक हो चुकी है। पशु व्यापारी नस्ल, स्वास्थ्य और गुणवत्ता के आधार पर पशुओं का मोलभाव करते नजर आए। आगामी दिनों में पशु व्यापार के और बढ़ने की संभावना जताई गई है।
मेले के सांस्कृतिक आयोजनों के तहत 7 नवंबर को मेला स्थल पर भव्य कवि सम्मेलन आयोजित होगा। वार्डपंच कविता-लोकेश मेनारिया, निमत रुपावत और कैलाश देवी-हिरा लाल सुथार ने बताया कि सम्मेलन में सुनील व्यास, सिद्धार्थ देवल, दीपिका माही, राजकुमार बादल, मनोज गुजर एवं गजेंद्र सिंह कविया काव्य पाठ करेंगे। कार्यक्रम का संचालन हिम्मतसिंह उज्ज्वल करेंगे।
मेले में व्यवस्थाओं को लेकर ग्राम विकास अधिकारी रामदीन मीणा एवं प्रभुदयाल यादव ने बताया कि स्वच्छता, पेयजल और विद्युत की निःशुल्क व्यवस्था की गई है। खेरोदा थानाधिकारी परमेश्वर पाटीदार के निर्देशन में पुलिस जवान सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। पशुपालन विभाग की टीम भी मेले में अपनी सेवाएं दे रही है।
मेले के तीसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों, पशु व्यापार और मनोरंजन गतिविधियों में मेलार्थियों की भागीदारी बनी रही। वहीं, 7 नवंबर को होने वाले कवि सम्मेलन को लेकर तैयारियां जारी हैं।