जवास PHC में NQAS निरीक्षण, राष्ट्रीय प्रमाणन मिला तो 3 साल तक मिलेंगे 3 लाख रुपये
जवास PHC में NQAS के तहत राष्ट्रीय टीम ने दो दिन निरीक्षण किया। प्रमाणीकरण होने पर तीन साल तक हर वर्ष 3 लाख रुपये मिलेंगे।
तस्वीर में खेरवाड़ा ब्लॉक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जवास में राष्ट्रीय टीम निरीक्षण के दौरान नजर आ रही है。
खेरवाड़ा ब्लॉक के आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जवास का राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन कार्यक्रम (NQAS) के तहत राष्ट्रीय टीम ने 21 और 22 सितंबर को दो दिनों तक निरीक्षण किया। राज्य स्तर पर गुणवत्ता आश्वासन कार्यक्रम में प्रमाणित होने के बाद केंद्र को राष्ट्रीय स्तर के प्रमाणीकरण के लिए भारत सरकार को आवेदन किया गया था। इसी प्रक्रिया के तहत भारत सरकार की ओर से डॉ. विवेक मिश्रा और डॉ. नवदीप गुप्ता निरीक्षण के लिए जवास पहुंचे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक आदित्य ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जवास के राज्य स्तर से गुणवत्ता आश्वासन कार्यक्रम में प्रमाणित होने के बाद राज्य सरकार ने भारत सरकार को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणीकरण के लिए आवेदन किया था। इसके बाद राष्ट्रीय टीम ने निर्धारित मानकों के अनुसार स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया।
21 और 22 सितंबर को चले निरीक्षण के दौरान टीम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चार विभागों के मापदण्डों को भारत सरकार की ओर से निर्धारित चेकलिस्ट के अनुसार परखा। अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रागिनी अग्रवाल ने बताया कि टीम ने अस्पताल की साफ-सफाई, बायोवेस्ट मैनेजमेंट, निशुल्क जांच, निशुल्क दवा वितरण, उपकरणों की उपलब्धता और मानव संसाधन सहित विभिन्न मानकों का निरीक्षण किया।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जवास के चिकित्सा प्रभारी डॉ. अजय देव मीणा और डॉ. हिमांशी ताबियार के साथ उनके स्टाफ ने निरीक्षण के दौरान सभी मापदण्डों को रिकॉर्ड सहित बारीकी और विस्तार से टीम के समक्ष प्रस्तुत किया। खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी खेरवाड़ा डॉ. अरुण मीणा और बीपीओ दीपक मीणा भी सहयोग के लिए उपस्थित रहे।
जिला स्तर से सहयोग के लिए जिला क्वालिटी सदस्य डॉ. पीयूष व्यास, गणेश चौधरी और सुनील शर्मा मौजूद रहे। वहीं ब्लॉक स्तर से प्रवीण लबाना, राहुल मीणा और ब्लॉक टीम ने निरीक्षण की तैयारी में सहयोग किया।
निरीक्षण के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जवास के नर्सिंग अधिकारी, लेब टेक्नीशियन, एलएचवी, एएनएम और आशा सहयोगिनियों ने भी टीम का पूरा साथ दिया।
राष्ट्रीय स्तर से प्रमाणीकरण होने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जवास को प्रमाण पत्र के साथ पारितोषिक के रूप में 3 लाख रुपये प्रति वर्ष तीन वर्ष तक मिलेंगे। इस राशि का उपयोग स्वास्थ्य केंद्र की सुविधाओं पर खर्च किया जाएगा।