खेरवाड़ा कन्या महाविद्यालय में हिंदी दिवस पर छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा
खेरवाड़ा कन्या महाविद्यालय में हिंदी दिवस पर आशु भाषण, कविता, भाषण और निबंध प्रतियोगिताएं हुईं, छात्राओं ने प्रतिभा दिखाई।
तस्वीर में राजकीय कन्या महाविद्यालय खेरवाड़ा में हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बैठी छात्राएं दिख रही हैं.
राजकीय कन्या महाविद्यालय खेरवाड़ा में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में हिंदी दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में छात्राओं ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से हिंदी भाषा के प्रति अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर सुमन राठौड़ ने की, जबकि संचालन हिंदी विभाग के सहायक आचार्य आशीष तिवारी ने किया। हिंदी दिवस के अवसर पर छात्राओं के लिए आशु भाषण, कविता पाठ, भाषण एवं निबंध लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। छात्राओं ने प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं की घोषणा भी की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रोफेसर सुमन राठौड़ ने हिंदी भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी संस्कृति, साहित्य, भावनाओं और विचारों की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। उन्होंने छात्राओं को हिंदी भाषा के प्रति सम्मान और गौरव की भावना विकसित करने तथा हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के लिए प्रेरित किया।
डॉ. वंदना सांखला ने हिंदी भाषा के दैनिक जीवन में प्रयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हिंदी सीखने और समझने के साथ-साथ हिंदी की गिनती तथा भाषा से जुड़ी मूलभूत बातों का ज्ञान भी आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं को हिंदी के महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान देते हुए उन्हें अपने दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. मनोज कुमार ने हिंदी भाषा के महत्व एवं उसके सम्मान पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हिंदी को प्राप्त संवैधानिक दर्जा और देश में इसकी व्यापक स्वीकार्यता इसके समृद्ध इतिहास एवं सांस्कृतिक महत्व को दर्शाती है। उन्होंने छात्राओं को हिंदी भाषा का सम्मान करने तथा इसके प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में मेहुल पंचाल, डॉ. सीमा डांगी, नेहा चारण, पूजा यादव, कोमल कुमारी सहित महाविद्यालय के अन्य शिक्षकगण एवं छात्राएं उपस्थित रहीं। प्रतियोगिताओं और वक्ताओं के विचारों के माध्यम से कार्यक्रम में हिंदी भाषा के महत्व, सम्मान और दैनिक जीवन में इसके प्रयोग पर जोर दिया गया।