अध्यक्ष चुनाव के बीच भाजपा पार्षद राजेश चपलोत की प्रॉपर्टी पर नगरपालिका का नोटिस
फतहनगर-सनवाड़ में अध्यक्ष चुनाव के बीच राजेश चपलोत की ‘देवीलीला पैलेस’ पर नोटिस, एक दिन में दस्तावेज पेश करने के निर्देश।
तस्वीर में एक दीवार पर चस्पा किया गया नगरपालिका का नोटिस दिख रहा है।
फतहनगर-सनवाड़ नगरपालिका अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर चल रही राजनीतिक सरगर्मियों के बीच नगरपालिका प्रशासन की एक कार्रवाई चर्चा में आ गई है। नगरपालिका प्रशासन ने भाजपा पार्षद एवं अध्यक्ष पद की निर्दलीय उम्मीदवार श्रीमती ममता चपलोत के पति राजेश चपलोत की प्रॉपर्टी ‘देवीलीला पैलेस’ पर अवैध निर्माण और भू-उपयोग से संबंधित नोटिस चस्पा किया है।
नगरपालिका फतहनगर-सनवाड़ की ओर से जारी आदेश क्रमांक न.पा.फ.स./2026-27/2606, दिनांक 17 सितंबर 2026 में राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 194 एवं 245 के तहत कार्रवाई का उल्लेख किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि मौके पर अनुमोदित प्लान के विपरीत निर्माण किए जाने तथा संपत्ति का उपयोग किए जाने की स्थिति सामने आई है।
नगरपालिका प्रशासन ने नोटिस के माध्यम से वर्तमान उपयोग और निर्माण से संबंधित दो प्रमुख दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इनमें वर्तमान उपयोग के अनुसार भू-उपयोग परिवर्तन (लैंड यूज कन्वर्जन) से संबंधित दस्तावेज तथा वर्तमान निर्माण के अनुसार नियमानुसार प्राप्त निर्माण स्वीकृति (बिल्डिंग परमिशन) से संबंधित दस्तावेज शामिल हैं।
नोटिस में निर्धारित एक दिवस की अवधि में दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान या भवन को सीज करने अथवा नियमानुसार अन्य कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी गई है।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब फतहनगर-सनवाड़ नगरपालिका अध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। भाजपा पार्षद राजेश चपलोत की पत्नी ममता चपलोत द्वारा अध्यक्ष पद के लिए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन किए जाने के बाद स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं।
इसी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच चपलोत की प्रॉपर्टी पर नोटिस चस्पा होने से कार्रवाई की टाइमिंग को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है। समर्थकों की ओर से सोशल मीडिया पर कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं और इसे राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सोशल मीडिया पर नोटिस की तस्वीर सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर सबसे अधिक चर्चा नोटिस में दी गई एक दिन की समयावधि को लेकर है। समर्थकों का कहना है कि इतने कम समय में पुराने भू-उपयोग और निर्माण स्वीकृति से संबंधित दस्तावेज जुटाना व्यावहारिक रूप से कठिन हो सकता है।
वहीं, नगरपालिका प्रशासन की ओर से जारी नोटिस में कार्रवाई का आधार संबंधित निर्माण, स्वीकृति एवं भू-उपयोग से जुड़े नियमों को बताया गया है। अब संबंधित पक्ष द्वारा निर्धारित अवधि में दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने तथा नगरपालिका प्रशासन की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।