फतहनगर में एक कमरे में दीपक पारीक अन्य लोगों की मौजूदगी में जेवर सौंपते हुए।   

फतहनगर। गणपति पेट्रोल पंप के आसपास किसी व्यक्ति के कीमती जेवर गिर गए थे। ये जेवर गिलूंड निवासी दीपक पारीक पुत्र गिरिराज पारीक को मिले। दीपक पारीक ने बिना किसी लालच के ईमानदारी का परिचय देते हुए जेवर पेट्रोल पंप पर जमा करा दिए।

जेवर मिलने की सूचना के बाद संबंधित व्यक्ति की तलाश की गई। पहचान और पूरी तसल्ली के बाद जेवर उनके वास्तविक मालिक को वापस सौंप दिए गए। खास बात यह रही कि जिन दीपक पारीक को ये जेवर मिले थे, उन्हीं के हाथों से जेवर उनके मालिक को लौटाए गए।

जेवर वापस मिलने पर परिजनों और साथियों ने दीपक पारीक की ईमानदारी की सराहना करते हुए उनका आभार जताया। इस दौरान मुकेश खटीक, रोशन बैरवा, प्रकाश पुरी, विकास सोनी, प्रकाश देवड़ा सहित अन्य साथियों की मौजूदगी में जेवर लौटाए गए।

इस अवसर पर कहा गया कि आज के समय में जब कीमती वस्तु मिलने पर कई लोग अपना ईमान खो बैठते हैं, ऐसे समय में दीपक पारीक ने मानवीय मूल्यों और ईमानदारी की मिसाल पेश की है। उनकी इस नेक पहल से यह संदेश मिलता है कि समाज में धर्म, नीति और मानवता आज भी जीवित है और ऐसे ईमानदार लोगों के कारण आगे भी कायम रहेगी।

जेवर वापस मिलने पर संबंधित व्यक्ति ने दीपक पारीक का साधुवाद करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस तरह गणपति पेट्रोल पंप के पास मिले कीमती जेवर उनके वास्तविक मालिक तक पहुंचाने में दीपक पारीक की ईमानदारी मिसाल बनी।

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