चुनाव ड्यूटी के बाद नहीं मिला जर्नी डे, देर रात घर लौटे कार्मिकों को सुबह फिर पहुंचना पड़ा मुख्यालय
फतहनगर में प्रथम चरण के चुनाव के बाद जर्नी डे नहीं मिलने से शिक्षकों और कर्मचारियों को देर शाम घर लौटकर अगले दिन सुबह मुख्यालय पहुंचना पड़ा। अब शिक्षक संघों ने दूसरे चरण के चुनाव में तैनात कार्मिकों के लिए यात्रा और विश्राम का समय देने की मांग उठाई है।
फतहनगर। जिला परिषद, पंचायत समिति एवं सरपंच पदों के चुनाव संपन्न कराने के बाद भी जर्नी डे का लाभ नहीं मिलने से चुनाव ड्यूटी में लगे कार्मिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रथम चरण का चुनाव संपन्न करवाकर देर शाम घर लौटे कई शिक्षकों और कर्मचारियों को अगले दिन सुबह ही अपने निर्धारित मुख्यालयों पर उपस्थित होना पड़ा। इससे उन्हें आवागमन के साथ पर्याप्त आराम का समय भी नहीं मिल सका। अब शिक्षक संघों ने दूसरे चरण के चुनाव में तैनात होने वाले कार्मिकों को जर्नी डे का लाभ देने की मांग उठाई है।
कार्मिकों के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया के दौरान उन्हें निर्धारित समय पर मतदान केंद्रों पर पहुंचकर विभिन्न जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं। मतदान दलों को पहले मतदान सामग्री प्राप्त करनी होती है, फिर निर्धारित मतदान केंद्रों तक पहुंचकर मतदान संपन्न करवाना और इसके बाद सामग्री जमा कराने की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। इन सभी कार्यों में लंबा समय लगता है। कई बार मतदान समाप्त होने और चुनाव सामग्री जमा कराने की प्रक्रिया पूरी होने तक देर शाम हो जाती है। इसके बाद कार्मिकों को अपने घर पहुंचने में भी काफी समय लग जाता है।
ऐसी परिस्थितियों में अगले दिन सुबह नियमित ड्यूटी के लिए निर्धारित मुख्यालय पर पहुंचना कर्मचारियों के लिए कठिन हो जाता है। विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों में चुनाव ड्यूटी करने वाले कार्मिकों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। पर्याप्त विश्राम नहीं मिलने के कारण उन्हें शारीरिक थकान और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
दूसरे चरण के चुनाव में जर्नी डे देने की मांग
प्रथम चरण में चुनाव ड्यूटी करने वाले कार्मिकों को जर्नी डे का लाभ नहीं मिलने के बाद शिक्षक संघों ने दूसरे चरण में चुनाव कार्य के लिए तैनात किए जाने वाले कर्मचारियों को यह सुविधा देने की मांग की है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि चुनाव के दौरान कार्मिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं। ऐसे में चुनाव कार्य पूरा होने के बाद उन्हें यात्रा और विश्राम के लिए आवश्यक समय दिया जाना चाहिए।
शिक्षक संघों ने संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया है कि दूसरे चरण के चुनाव में तैनात कार्मिकों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जर्नी डे का लाभ देने के संबंध में उचित निर्णय लिया जाए। इससे चुनाव ड्यूटी पूरी करने के बाद कर्मचारियों को घर पहुंचने और पर्याप्त विश्राम करने के लिए समय मिल सकेगा तथा उन्हें अगले दिन सुबह मुख्यालय पहुंचने की जल्दबाजी से होने वाली परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
अब कार्मिकों की नजर प्रशासन के निर्णय पर है। दूसरे चरण में जर्नी डे का लाभ दिए जाने से चुनाव ड्यूटी से लौटने वाले कर्मचारियों को राहत मिल सकती है। ऐसे में शिक्षक संघों की मांग पर प्रशासन का निर्णय चुनाव कार्य में तैनात कार्मिकों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।