खेरवाड़ा में कुक कम हेल्परों के बकाया मानदेय का मुद्दा गरमाया, दीपावली से पहले भुगतान की मांग
खेरवाड़ा और नयागांव के कुक कम हेल्परों ने 14 माह से दूध गर्म करने और 7 माह से पोषाहार पकाने का बकाया मानदेय मांगा है। समिति ने दीपावली से पहले भुगतान और 13,500 रुपये मासिक मानदेय सहित अन्य सुविधाओं की मांग उठाई।
तस्वीर में खेरवाड़ा और नयागांव उपखंड के कुक कम हेल्पर दीपावली से पहले बकाया मानदेय के भुगतान की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपते हुए नजर आ रहे हैं.
खेरवाड़ा और नयागांव उपखंड के कुक कम हेल्परों ने बकाया मानदेय के भुगतान की मांग को लेकर मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) को पत्र सौंपा है। प्रतिनिधिमंडल ने 14 माह से दूध गर्म करने और 7 माह से पोषाहार पकाने का बकाया मानदेय दिलाने के साथ अतिरिक्त कार्य का अतिरिक्त भुगतान करने की मांग की। समिति ने दीपावली से पहले समस्त बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
समिति के नाना भगत के अनुसार, बकाया मानदेय के भुगतान के लिए कुक कम हेल्पर पिछले कई महीनों से अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। इससे पहले 24-25 अगस्त को पोषाहार पकाने के कार्य का बहिष्कार कर खेरवाड़ा में पड़ाव डाला गया था। उस दौरान अधिकारियों की ओर से दो दिन में दूध गर्म करने का मानदेय देने और पोषाहार पकाने के मानदेय का भुगतान शीघ्र करने का आश्वासन दिया गया था।
आश्वासन के बावजूद भुगतान नहीं होने पर 2 सितंबर को स्मरण पत्र सौंपा गया। इसके बाद 5 अक्टूबर को जिला कलेक्टर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी और मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन दिया गया। इसके बावजूद 20 दिन बाद भी बकाया राशि का भुगतान नहीं हुआ। ऐसे में सोमवार को समिति के प्रतिनिधिमंडल ने पुनः पत्र सौंपकर दीपावली से पहले समस्त बकाया मानदेय का भुगतान करने की मांग की।
जनवादी मजदूर यूनियन ने भी कुक कम हेल्परों को समय पर मानदेय नहीं मिलने पर चिंता जताई। यूनियन ने कहा कि अल्प मानदेय पर काम करने वाले इन कार्मिकों को भी नियमित रूप से भुगतान मिलना चाहिए।
समिति लंबे समय से कुक कम हेल्परों के लिए 13,500 रुपये मासिक मानदेय निर्धारित करने, नियुक्ति एवं पहचान पत्र जारी करने, वर्दी उपलब्ध कराने, स्थायीकरण, पेंशन, ग्रेच्युटी, बीमा, भविष्य निधि (पीएफ) और कर्मचारी राज्य बीमा जैसी सुविधाएं देने की मांग कर रही है। इसके अलावा 12 माह का मानदेय देने, अवकाश संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने, प्रत्येक 50 विद्यार्थियों पर एक कुक नियुक्त करने और दूध गर्म करने के मानदेय में वृद्धि करने की मांग भी उठाई गई है।
कुक कम हेल्परों का कहना है कि लंबे समय से बकाया भुगतान और अन्य सुविधाओं से जुड़ी मांगें लंबित हैं। समिति ने दीपावली से पहले बकाया मानदेय का भुगतान करने पर जोर दिया है। ज्ञापन के साथ पदाधिकारियों की फोटो भी उपलब्ध कराई गई।