डूंगरपुर में भाषा सारथी सम्मान समारोह आयोजित, 14 युवा साहित्यकारों को किया सम्मानित
डूंगरपुर के विद्या निकेतन उच्च प्राथमिक विद्यालय में मातृभाषा उन्नयन संस्थान की ओर से भाषा सारथी सम्मान एवं काव्य गोष्ठी आयोजित हुई। संस्थान के दस वर्ष पूरे होने पर आयोजित समारोह में 14 युवा साहित्यकार सम्मानित किए गए।
तस्वीर में डूंगरपुर के विद्या निकेतन उच्च प्राथमिक विद्यालय में मातृभाषा उन्नयन संस्थान के दशक उत्सव के अवसर पर भाषा सारथी सम्मान प्राप्त करने वाले युवा साहित्यकार नजर आ रहे हैं।
डूंगरपुर में हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार और साहित्यिक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मातृभाषा उन्नयन संस्थान राजस्थान राज्य इकाई की ओर से भाषा सारथी सम्मान एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। स्थानीय विद्या निकेतन उच्च प्राथमिक विद्यालय, नई बस्ती डूंगरपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में 14 युवा साहित्यकारों को भाषा सारथी सम्मान प्रदान किया गया।
प्रदेश अध्यक्ष, अंतरराष्ट्रीय कवि एवं साहित्यकार डॉ. नरेंद्रपाल जैन ने बताया कि हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा का दर्जा दिलाने तथा हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिए कार्यरत अंतरराष्ट्रीय स्तर के मातृभाषा उन्नयन संस्थान के दस वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर दशक उत्सव के रूप में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार सत्यदेव पंचाल ने की। देवीलाल जैन विद्यानिकेतन संस्थान के अध्यक्ष मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि राकेश जी पंड्या विशिष्ट अतिथि थे। इस दौरान उपस्थित सभी कवियों एवं साहित्यकारों ने अपनी उत्कृष्ट रचनाओं की प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम का संचालन मेघा शर्मा ने किया। आयोजन में डॉ. अंजली पंड्या एवं नैतिक जैन ने सहयोग किया।
समारोह में डॉ. सुनील पंड्या, हर्षिल पाटीदार, डॉ. प्रकृति पंड्या, डॉ. प्रीति चौबीसा, डॉ. सीमा शकुनी, जितेंद्र जीत, पायल शर्मा, प्रतिज्ञा भट्ट, नितिन कलाल, विविध जय चौबीसा, भरत मीणा, मेघा शर्मा, प्रियंका ऋषि पंड्या और नैतिक जैन को भाषा सारथी सम्मान प्रदान किया गया।
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नरेंद्रपाल जैन ने बताया कि सम्मान समारोह का दूसरा चरण बांसवाड़ा जिले में आयोजित किया जाएगा। संस्थान के दशक उत्सव के तहत आयोजित यह कार्यक्रम हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार और युवा साहित्यकारों के सम्मान से जुड़ा रहा।