शिक्षिका कोमल मेहता को जयपुर में सरदार पटेल गौरव अवार्ड से सम्मानित किया जा रहा है।

राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, उमरिया, गिरवा, उदयपुर की अध्यापिका सुश्री कोमल मेहता को उनके उल्लेखनीय शैक्षणिक एवं सामाजिक योगदान के लिए जयपुर में आयोजित समारोह में ‘सरदार पटेल गौरव अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान 31 अक्टूबर 2026 को भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती महोत्सव एवं संयुक्त राष्ट्र स्थापना दिवस के समापन समारोह में प्रदान किया गया।

अन्तर्राष्ट्रीय समरसता मंच की ओर से “वसुधैव कुटुम्बकम् • ग्लोबल विलेज • सत्यम् शिवम् सुन्दरम्” की भावना को समर्पित इस समारोह का आयोजन राजधानी जयपुर में किया गया। कार्यक्रम में मंच के संयोजक डॉ. कुलदीप प्रसाद शर्मा, एडवोकेट ने बताया कि समारोह की अध्यक्षता डॉ. हुकुम चन्द्र गणेशिया, चांसलर ने की।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में न्यायमूर्ति श्री जे. के. रांका, राष्ट्रीय अध्यक्ष, सेवानिवृत्त सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय न्यायाधीश एसोसिएशन, भारत तथा श्री राजेन्द्र कुमार नायक, अध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा), राजस्थान राज्य अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास आयोग, राजस्थान सरकार उपस्थित रहे। वहीं, विशिष्ट अतिथि श्रीमती शील धाभाई, पूर्व महापौर, जयपुर नगर निगम ने अपने करकमलों से सुश्री कोमल मेहता को ‘सरदार पटेल गौरव अवार्ड’ प्रदान किया।

समारोह में मंच की ग्लोबल एम्बेसेडर डॉ. सुश्री तुहिना प्रकाश शर्मा (पुष्कर, अजमेर), श्री मूलसिंह नाथावत (जयपुर) एवं डॉ. ओमप्रकाश शर्मा (जयपुर) सहित अनेक गणमान्यजन मौजूद रहे। अतिथियों ने सुश्री कोमल मेहता के शैक्षणिक एवं सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए उनके कार्यों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।

डॉ. कुलदीप प्रसाद शर्मा ने बताया कि महोत्सव के दौरान देश के विभिन्न क्षेत्रों से चयनित 65 विशिष्ट प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया गया। इसी क्रम में सुश्री कोमल मेहता को भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती महोत्सव के समापन समारोह में सहभागिता के लिए भी आमंत्रित किया गया है। यह अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम 27 से 29 दिसम्बर 2026 तक नेपाल में आयोजित होगा।

इस आयोजन का उद्देश्य भारत-नेपाल मैत्री, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, विश्व बंधुत्व एवं सामाजिक समरसता की भावना को मजबूत करना और इन मूल्यों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना है। सुश्री कोमल मेहता को मिला सम्मान उनके शैक्षणिक एवं सामाजिक योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के साथ आगामी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में उनकी सहभागिता का मार्ग भी प्रशस्त करता है।

Tags: