तस्वीर में झाडोल अंबा माता मंदिर परिसर में रोडवाल समाज के लोग वेदों के मंत्रोच्चार के साथ श्रावणी उपाकर्म के तहत विधिपूर्वक नई जनेऊ धारण करते हुए नजर आ रहे हैं।

झाडोल अंबा माता मंदिर में रोडवाल समाज की ओर से श्रावणी उपाकर्म धार्मिक विधि-विधान और वेदों के मंत्रोच्चार के साथ किया गया। इस अवसर पर समाजजनों ने पुरानी जनेऊ का त्याग कर विधिपूर्वक नई जनेऊ धारण की।

श्रावणी उपाकर्म के दौरान ऋषि तर्पण, देव तर्पण और पितृ तर्पण किया गया। इसके बाद गायत्री मंत्र की माला का जप किया गया। नई जनेऊ धारण करने की परंपरा आत्मिक शुद्धि और अनुशासन का प्रतीक मानी गई।

झाडोल अंबा माता मंदिर में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में रोडवाल समाज ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रावणी उपाकर्म की परंपरा का पालन किया। तर्पण, जनेऊ परिवर्तन और गायत्री मंत्र जप के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।

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