उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में महुली मोहल्ले में बारिश के दौरान जर्जर मकान गिरने से हुए हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य के दौरान मौजूद लोग।

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां नगर कोतवाली क्षेत्र के महुली मोहल्ले में बारिश के दौरान एक जर्जर मकान का हिस्सा भरभरा कर अचानक ढह गया। इस भीषण दुर्घटना में एक ही परिवार के छह सदस्यों की मलबे में दबकर दर्दनाक मौत हो गई, जबकि परिवार का बड़ा बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसका इलाज जिला मेडिकल कॉलेज में जारी है। इस हृदय विदारक घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और हर कोई स्तब्ध है।

यह पूरी घटना बुधवार देर रात की बताई जा रही है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रतापगढ़ में पिछले कुछ समय से रुक-रुक कर बारिश हो रही थी। बारिश के प्रभाव से महुली मोहल्ले में स्थित एक दो मंजिला पुराना और जर्जर मकान कमजोर होकर ढह गया। हादसे के वक्त घर के सभी सदस्य एक ही कमरे में सो रहे थे। बताया जा रहा है कि कमरे में एसी लगा हुआ था, जिसके चलते परिवार के सभी लोग उसी कमरे में मौजूद थे। जब मकान का हिस्सा गिरा, तो किसी को भी संभलने का मौका नहीं मिला और पूरा परिवार मलबे के नीचे दब गया।

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। नगर कोतवाली के क्षेत्राधिकारी (सीओ) सिटी आशुतोष मिश्रा भारी पुलिस बल और राहत एवं बचाव दल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने बिना देर किए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कड़ी मशक्कत और लगभग दो घंटे चले बचाव कार्य के बाद मलबे में दबे सभी लोगों को बाहर निकाला गया। इसके बाद एम्बुलेंस की मदद से परिवार के सभी सात सदस्यों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद छह लोगों को मृत घोषित कर दिया।

इस भयंकर हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान परिवार के मुखिया प्रमोद श्रीवास्तव, उनकी पत्नी रीता, बेटे नितिन, बहू माधुरी, और दो छोटे पोते माधो तथा अद्विक के रूप में हुई है। एक ही परिवार के छह सदस्यों की अचानक हुई इस मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, इस हादसे में परिवार का बड़ा बेटा अमन गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है और डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है। इस दुखद घटना के बाद से आस-पास के लोग और पड़ोसी गहरी दहशत और सदमे में हैं।

घटना की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पर गहरा दुख व्यक्त किया है और त्वरित संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने को कहा गया था। साथ ही, सीएम ने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पीड़ित परिवार को हर संभव चिकित्सीय सहायता और प्रशासनिक मदद तुरंत उपलब्ध कराएं।

यह दुर्घटना एक बार फिर इस बात की ओर गंभीर संकेत देती है कि जर्जर और पुराने भवनों की समय रहते पहचान करना और उनकी मरम्मत या खाली कराना कितना आवश्यक है। खासकर मानसून या भारी बारिश के मौसम में ऐसे कमजोर मकानों में रहना जानलेवा साबित हो सकता है। प्रशासन और स्थानीय नागरिकों को ऐसे मामलों में अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है ताकि भविष्य में इस तरह की अमूल्य जिंदगियों को बचाया जा सके।