होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर ईरान-ओमान की डील लगभग तय, वैश्विक ऊर्जा बाजारों की बढ़ीं उम्मीदें|
ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने का समझौता अंतिम चरण में है, जिससे जहाजों को सर्विस फीस देनी होगी।
ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की डील और जहाजों के लिए सर्विस फीस तय होने के संदर्भ में।
ईरान और ओमान के बीच रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने को लेकर एक संभावित समझौते का ड्राफ्ट अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। तेहरान द्वारा इस बात का खुलासा किए जाने के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजारों में हलचल तेज हो गई है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किए जाने के बाद से ही तेहरान ने इस अहम जलडमरूमध्य पर व्यावहारिक रूप से अपना कड़ा नियंत्रण स्थापित कर लिया था। हालांकि, अमेरिका ने स्पष्ट रूप से यह कहा है कि वह इस महत्वपूर्ण ऊर्जा जलमार्ग को पूरी तरह से ईरान के नियंत्रण में नहीं रहने देगा, लेकिन ताजा घटनाक्रम से इस स्थिति में एक नया मोड़ आता दिखाई दे रहा है।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकेई ने प्रेस को जानकारी दी है कि ओमान के साथ होर्मुज जलमार्ग को खोलने से जुड़ा समझौता ड्राफ्टिंग के बिल्कुल आखिरी दौर में है। अमेरिका की तरफ कड़ा इशारा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कुछ पक्ष इस शांति और कूटनीतिक प्रक्रिया में अनावश्यक बाधा उत्पन्न नहीं करते हैं, तो दोनों देश जल्द ही एक संयुक्त बयान जारी कर सकते हैं। इसके पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी यह संकेत दिए थे कि इस सप्ताह इस समझौते से जुड़ी घोषणा सामने आ सकती है। हालांकि, ट्रंप प्रशासन ने पूर्व में किसी भी ऐसे समझौते को खारिज किया था जिससे जलडमरूमध्य पर ईरान की पकड़ या नियंत्रण मजबूत होता नजर आए।
ईरान ने अपनी स्थिति साफ करते हुए यह जोर दिया है कि होर्मुज जलमार्ग अब युद्ध से पहले की सामान्य स्थिति में नहीं लौटेगा और तेहरान की इस पर मजबूत भूमिका बनी रहेगी। क्षेत्रीय अधिकारियों ने एसोसिएटेड प्रेस को पहले ही यह जानकारी दी थी कि इस डील का ड्राफ्ट फाइनल हो चुका है और इसके कार्यान्वयन के लिए ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की अंतिम स्वीकृति का इंतजार किया जा रहा है। अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर यह भी बताया कि इस संभावित समझौते के अस्तित्व में आने से अमेरिका और ईरान के बीच तेहरान के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम पर रुकी हुई बातचीत को एक बार फिर से शुरू करने का नया रास्ता साफ हो सकता है।
समझौते की रूपरेखा के तहत यह तय किया गया है कि गुजरने वाले जहाज ईरान के नियंत्रण वाले रास्ते से फारस की खाड़ी में प्रवेश करेंगे और ओमान के नियंत्रण वाले रास्ते से बाहर निकलेंगे। इस पूरी व्यवस्था के दौरान जहाजों से किसी भी प्रकार का टोल टैक्स नहीं वसूला जाएगा, लेकिन जहाजों को सुरक्षित नौवहन की सुविधा प्रदान करने और समुद्री पर्यावरण को संरक्षित रखने के उद्देश्य से एक निर्धारित सर्विस फीस जरूर ली जाएगी। बाकेई ने पत्रकारों को यह भी आगाह किया कि इस समझौते के पूरा हो जाने का मतलब यह बिल्कुल नहीं निकाला जाना चाहिए कि यह जलमार्ग सभी गुजरने वाले जहाजों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित हो चुका है। वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले इस जलमार्ग पर ओमान और ईरान के बीच होने वाली इस डील के दूरगामी परिणाम देखने को मिल सकते हैं।