त्रिशा कृष्णन पर कथित टिप्पणी के बाद उदयनिधि स्टालिन हिरासत में, तमिलनाडु में सियासी हलचल|

DMK नेता उदयनिधि स्टालिन को तंजावुर में कावेरी जल विवाद रैली के दौरान अभिनेत्री त्रिशा कृष्णन पर आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में हिरासत में लिया गया।

Update: 2026-08-04 06:17 GMT

चेन्नई में डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन और अभिनेत्री त्रिशा कृष्णन के साथ अभिनेता विजय की तस्वीरें कावेरी जल विवाद रैली के दौरान|

चेन्नई में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता थलपति विजय की मित्र तथा अभिनेत्री त्रिशा कृष्णन को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर राजनीतिक गलियारों में भारी भूचाल आ गया है। इस पूरे विवाद के केंद्र में राज्य के प्रमुख विपक्षी दल डीएमके के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन हैं, जिन्हें पुलिस ने उनके नीलांकरई स्थित आवास से हिरासत में ले लिया है। इस कार्रवाई के बाद से राज्य की राजनीति में तनाव काफी बढ़ गया है और विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच तीखी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है।

यह पूरा घटनाक्रम तंजावुर में आयोजित कावेरी जल विवाद से जुड़ी एक रैली के दौरान सामने आया। इस जनसभा को संबोधित करते हुए उदयनिधि स्टालिन ने राज्य सरकार पर तीखे राजनीतिक प्रहार किए थे। अपने भाषण के दौरान उन्होंने कावेरी जल मुद्दे पर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए एक विवादास्पद और डबल मीनिंग टिप्पणी की थी, जिसे लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कार्यक्रम के दौरान जब भीड़ में से किसी ने अभिनेत्री त्रिशा कृष्णन का नाम लिया, तो उन्होंने कथित रूप से मुस्कुराते हुए ऐसी टिप्पणी की जिसे लेकर इंटरनेट पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।

आम जनता और सोशल मीडिया यूजर्स ने इस बयान को बेहद आपत्तिजनक और शालीनता के दायरे से बाहर करार दिया है। कई लोगों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए लिखा कि एक जिम्मेदार पद पर बैठे राजनेता द्वारा इस तरह की भाषा का प्रयोग करना बेहद शर्मनाक है और यह उनकी राजनीतिक संस्कृति के गिरते स्तर को दर्शाता है। आलोचकों का कहना है कि महिलाओं के प्रति इस तरह का दृष्टिकोण और सार्वजनिक मंचों पर ऐसी भाषा का इस्तेमाल किसी भी प्रगतिशील और सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं किया जा सकता है।

इस घटना के बाद से महिलाओं के सम्मान और सार्वजनिक आचरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयानों से नेताओं की व्यक्तिगत छवि के साथ-साथ उनकी पार्टी की साख को भी गहरा नुकसान पहुंचता है। हालांकि, इस पूरे विवाद पर अभिनेत्री त्रिशा कृष्णन या अभिनेता-राजनेता विजय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन बढ़ते हंगामे को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन ने पूरी स्थिति पर कड़ी नजर रखी हुई है।

यह पहला अवसर नहीं है जब अभिनेत्री त्रिशा कृष्णन को लेकर राजनीतिक मंचों पर इस प्रकार की टिप्पणियां की गई हों। इससे पहले भी तमिलनाडु के राजनीतिक और सिनेमाई हलकों में उनके नाम का इस्तेमाल राजनीतिक बयानों के दौरान किया जाता रहा है। हाल ही में एक अन्य राजनीतिक नेता द्वारा भी इसी प्रकार की टिप्पणी की गई थी, जिसके बाद उनके कानूनी सलाहकारों ने कड़ा रुख अपनाया था। बहरहाल, उदयनिधि स्टालिन को हिरासत में लिए जाने के बाद से राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति और राजनीतिक सरगर्मी दोनों अपने चरम पर हैं। पुलिस और प्रशासन इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं, ताकि स्थिति को पूरी तरह से नियंत्रण में रखा जा सके।

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