फैजान अंसारी ने अभिजीत दिपके के खिलाफ दर्ज कराई पुलिस शिकायत, दिल्ली पुलिस से की तत्काल गिरफ्तारी की मांग|

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने दिल्ली डीसीपी से कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके को गिरफ्तार करने की मांग की है।

Update: 2026-08-04 05:11 GMT

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने नई दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

दिल्ली पुलिस के समक्ष एक नया मामला सामने आया है, जहां सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके के खिलाफ आधिकारिक रूप से लिखित शिकायत दर्ज कराई है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद से राजनीतिक और सोशल मीडिया गलियारों में सरगर्मी काफी बढ़ गई है। फैजान अंसारी ने दिल्ली के डीसीपी से मुलाकात कर अपील की है कि अभिजीत दिपके को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।

शिकायत दर्ज कराने के बाद मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए फैजान अंसारी ने दावा किया कि उनके पास पुख्ता सबूत मौजूद हैं कि अभिजीत दिपके के समर्थकों या लोगों द्वारा उन पर हमले किए गए थे। उन्होंने बताया कि उनके ऊपर इस तरह के हमले पहले पुणे और औरंगाबाद में भी हो चुके हैं। अंसारी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले को लेकर पहले से ही दो अलग-अलग मामले दर्ज किए जा चुके हैं, और अब वह चाहते हैं कि दिल्ली पुलिस त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले।

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए फैजान अंसारी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री और दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि जिस तरह से पुलिस ने सही समय पर उचित कदम उठाते हुए सोनम वांगचुक को हिरासत में लिया, उससे राजधानी दिल्ली का माहौल बिगड़ने से पूरी तरह बच गया। उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि अभिजीत दिपके केवल अपने निजी फायदों के लिए इस तरह की हरकतें कर रहे हैं, इसलिए उन्हें बिना किसी देरी के तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने आम जनता और समर्थकों से भी यह अपील की है कि वे कॉकरोच जनता पार्टी का समर्थन बिल्कुल न करें।

दूसरी ओर, इन तमाम आरोपों और शिकायतों पर प्रतिक्रिया देते हुए कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके ने अपनी बात बेबाकी से रखी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका संगठन किसी भी विशेष राजनीतिक दल की आलोचना करने या उसका बचाव करने के लिए काम नहीं करता है। दिपके का कहना है कि यदि किसी भी सरकार के कार्यकाल में छात्रों को समस्याओं और कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा, तो उनका संगठन सत्ता में बैठे किसी भी दल के खिलाफ आवाज उठाने से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने दो टूक कहा कि चाहे मुख्यमंत्री हों या शिक्षा मंत्री, वे किसी भी पार्टी से ताल्लुक रखते हों, लेकिन उन्हें छात्रों के हितों को अपनी पहली प्राथमिकता बनाना ही होगा। इस प्रकार एक तरफ जहां कानूनी कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है, वहीं दूसरी तरफ मुद्दों को लेकर राजनीतिक और वैचारिक बहस भी तेज हो गई है।

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