गाजा में हमास करेगा हथियारों का समर्पण! ट्रंप ने किया ऐतिहासिक शांति समझौते का ऐलान|

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में हमास के हथियार छोड़ने और इजरायली सेना की धीरे-धीरे वापसी के ऐतिहासिक समझौते का ऐलान किया है। =

Update: 2026-07-31 04:48 GMT

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वाशिंगटन में, जबकि बाएं तरफ गाजा पट्टी में हथियारबंद हमास के लड़ाके शांति समझौते की घोषणा के संदर्भ में नजर आ रहे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि गाजा में हमास और दूसरे सभी हथियारबंद गुटों के पूरी तरह हथियार छोड़ने के लिए एक ऐतिहासिक समझौते पर सहमति बन गई है। वाशिंगटन से सामने आई इस खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। ट्रंप ने इसे फिलिस्तीनी इलाके में स्थायी शांति और सुरक्षा की दिशा में एक बहुत बड़ा और निर्णायक कदम बताया है। यह ऐलान अमेरिका की मध्यस्थता में हमास और इजरायल के बीच पहले हुए युद्धविराम समझौते के कई महीनों बाद सामने आया है, जिससे युद्धग्रस्त क्षेत्र में शांति की नई उम्मीद जगी है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस बात की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि बोर्ड ऑफ पीस ने गाजा में हमास और अन्य सभी सशस्त्र समूहों के हथियारों को पूरी तरह सौंपने के इस समझौते को मंजूरी दी है। समझौते के तहत तय किया गया है कि यह पूरी प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी। इसके अंतर्गत सबसे पहले पुलिस के हथियार और अंत में निजी हथियार पूरी तरह से सौंपे जाएंगे। जैसे-जैसे हथियार छोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, उसी के साथ इजरायली सेना भी गाजा से धीरे-धीरे पीछे हटेगी।

बोर्ड ऑफ पीस और समाचार एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार, हमास के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस समझौते पर मुहर लगा दी है। उन्होंने इस बात की पुष्टि की है कि हथियारों के समर्पण और इजरायली सेना की वापसी जैसे अहम मुद्दों पर आपसी सहमति बन गई है। गाजा में सुरक्षा व्यवस्था की देखरेख और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्टैबलाइजेशन फोर्स का गठन किया जाएगा, जो नई फिलिस्तीनी पुलिस फोर्स के साथ मिलकर संयुक्त रूप से काम करेगी। हमास के अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि मध्यस्थ और बोर्ड ऑफ पीस यह सुनिश्चित करेंगे कि इजरायल इस समझौते की सभी शर्तों का पूरी तरह से पालन करे।

गाजा में चल रहे लंबे संघर्ष को खत्म करने और वहां एक सक्षम टेक्नोक्रेटिक सरकार के गठन के लिए ट्रंप की 20 सूत्रीय शांति योजना को लागू करने की दिशा में हमास का निरस्त्रीकरण एक बेहद अहम पड़ाव माना जा रहा है। इस समझौते के धरातल पर उतरने से न केवल स्थानीय नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद है, बल्कि यह मध्य पूर्व की भू-राजनीति में एक बड़ा बदलाव भी साबित हो सकता है। दुनिया भर की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि इस समझौते के चरणबद्ध क्रियान्वयन को कितनी सफलता मिलती है।

Similar News