क्षतिग्रस्त इमारत के मलबे के पास राहत कार्य में जुटे लोग कोलंबिया में आए शक्तिशाली भूकंप के संदर्भ में।

कोलंबिया में सोमवार को 7.4 तीव्रता के जोरदार भूकंप ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें कम से कम 77 लोगों की मौत हो गई है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) और कोलंबिया की संबंधित एजेंसी के अनुसार, इस शक्तिशाली भूकंप का केंद्र सैन जोस डेल पाल्मार में था, जो देश की राजधानी बोगोटा से लगभग 400 किलोमीटर पश्चिम में चोको क्षेत्र में स्थित है। यूएसजीएस के मुताबिक, भूकंप का केंद्र सतह से 107 किलोमीटर की गहराई पर था, जिसके झटके कोलंबिया के कई शहरों के अलावा पड़ोसी देश इक्वाडोर में भी महसूस किए गए। देश के पश्चिमी हिस्से में आए इस आपदा के कारण लोगों को घबराहट में अपने घरों और इमारतों से बाहर निकलने के लिए मजबूर होना पड़ा।

स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, भूकंप के कारण दर्जनों इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं और कई लोगों के मलबे के नीचे फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। पेरेइरा शहर में कम से कम 18 लोगों की जान चली गई है, जबकि मनीजालेस शहर में दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मनीजालेस में एक ऐतिहासिक गिरजाघर का टावर ढгकर उसके मुख्य प्रार्थना कक्ष पर जा गिरा। वहां के मेयर जॉर्ज एडुआर्दो रोजास ने नागरिकों से भूकंप के बाद आने वाले झटकों यानी आफ्टरशॉक के खतरे को देखते हुए सुरक्षित रूप से घरों से बाहर रहने की अपील की है। इसके अलावा, चोको की गवर्नर नूबिया कॉर्डोबा ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि क्षेत्रीय राजधानी क्विब्दो में भी कई लोग घायल हुए हैं और इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है।

स्थानीय मीडिया संस्थानों द्वारा साझा किए गए वीडियो फुटेज में पेरेइरा, कैली और क्विब्दो शहरों में कई मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त नजर आए हैं। इस बीच, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कोलंबिया के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति अबेलार्डो दे ला एस्प्रिएला ने कहा कि सैन जोस डेल पालमार में पैदा हुए इस आपात हालात से निपटने के लिए उन्होंने व्यक्तिगत रूप से सरकार की कार्रवाई की कमान संभाल ली है। प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन और राहत दल युद्ध स्तर पर बचाव कार्य में जुटे हुए हैं ताकि मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके और घायलों को तुरंत चिकित्सीय सहायता प्रदान की जा सके।

इस भीषण प्राकृतिक आपदा ने एक बार फिर इस क्षेत्र में भूकंप के खतरे और उसकी विभीषिका को सामने ला दिया है। इससे पहले जून के आखिर में वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप आए थे, जिनमें सैकड़ों इमारतें नष्ट हो गई थीं और 5,000 से अधिक लोगों की जान चली गई थी। कोलंबिया में मचे इस ताज़ा कोहराम के बाद अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय स्तर पर सुरक्षा तथा राहत कार्यों को और अधिक तेज कर दिया गया है, जबकि अधिकारी लगातार स्थिति पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं।