भारत-बांग्लादेश तनाव के बीच बड़ा घटनाक्रम! DGFI के बुलावे पर ढाका पहुंचा 4 सदस्यीय भारतीय सुरक्षा दल
बांग्लादेशी खुफिया एजेंसी डीजीएफआई के बुलावे पर चार भारतीय सुरक्षा अधिकारी ढाका पहुंचे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, एक अन्य अधिकारी और बांग्लादेशी सैन्य अधिकारी का यह प्रतीकात्मक चित्र भारत और बांग्लादेश के कूटनीतिक संबंधों के संदर्भ में है।
भारत और बांग्लादेश के बीच चल रही तनातनी के माहौल के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। भारत के चार सुरक्षा अधिकारियों का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल (डेलीगेशन) बांग्लादेश की सेना की खुफिया एजेंसी, यानी 'डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फोर्सेज इंटेलिजेंस' (DGFI) के विशेष बुलावे पर रविवार दोपहर को ढाका पहुंच चुका है। दोनों पड़ोसी देशों के बीच हालिया समय में उपजे तनाव को देखते हुए इस अचानक हुए दौरे को कूटनीतिक और सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह चार सदस्यीय भारतीय डेलीगेशन नई दिल्ली से एयर इंडिया की नियमित उड़ान के जरिए ढाका के अंतरराष्ट्रीय शाह जलाल हवाई अड्डे पर उतरा। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस डेलीगेशन में शामिल अधिकारियों की पहचान और उनके पदों के बारे में आधिकारिक तौर पर कोई खुलासा नहीं किया गया है। हालांकि, यह साफ है कि खुफिया एजेंसी के बुलावे पर पहुंचे इन अधिकारियों का यह दौरा दोनों देशों के बीच आपसी सुरक्षा मामलों को संभालने के लिए हो रहा है।
इस दौरे की टाइमिंग को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं काफी तेज हैं। यह दौरा ऐसे वक्त में हो रहा है जब सोमवार को ढाका में भारतीय उच्चायुक्त की मुलाकात बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के साथ तय है। खास बात यह है कि यह बैठक शेख हसीना के नई दिल्ली में दिए गए बयानों और मीडिया से बातचीत के एक सप्ताह के भीतर हो रही है। इसके अलावा, आगामी सितंबर महीने में नई दिल्ली में होने वाली 'बिम्सटेक' (BIMSTEC) की बैठक में प्रधानमंत्री तारिक रहमान के शामिल होने की भी चर्चा जोरों पर है। अगर वह इस मीटिंग में हिस्सा लेने भारत आते हैं, तो प्रधानमंत्री के रूप में यह उनका पहला भारत दौरा होगा। इन सभी बड़े घटनाक्रमों के मद्देनजर भारत के सुरक्षा अधिकारियों की यह ढाका यात्रा और भी अहम हो जाती है।
ढाका पहुंचने के बाद भारतीय डेलीगेशन के ठहरने और उनकी सुरक्षा से जुड़ी तमाम व्यवस्थाएं मेजबान देश की खुफिया एजेंसी डीजीएफआई (DGFI) द्वारा की गई हैं। अधिकारियों को ढाका के प्रतिष्ठित रेडिसन ब्लू होटल में ठहराया गया है और वे अपने निर्धारित आधिकारिक कार्यक्रमों के तहत वहीं रुके हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस गुप्त और महत्वपूर्ण दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने, आपसी सीमाओं पर शांति बनाए रखने और सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर चर्चा हो सकती है। भले ही इस बैठक के एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया हो, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में भारत और बांग्लादेश के बीच संवाद के चैनलों को खुला रखना और किसी भी तरह के तनाव को कम करना इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य प्रतीत होता है। सीमावर्ती सुरक्षा और द्विपक्षीय हितों को ध्यान में रखते हुए इस यात्रा के परिणामों पर दोनों देशों की पैनी नजर बनी हुई है।