सिरोही: सन होटल एंड रिसॉर्ट में धूमधाम से मना जन्माष्टमी उत्सव
सिरोही के सन होटल में 7वें साल जन्माष्टमी पर विशेष पूजा, सजीव झांकियां और बच्चों के लिए मटकी फोड़ प्रतियोगिता आयोजित हुई।
तस्वीर में साधु की पोशाक पहने कलाकार और बाल कृष्ण बने बच्चे एक साथ खड़े हैं।
सिरोही। सन होटल और रिज़ॉर्ट में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी भव्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति और मनोरंजन से सजे आयोजन में होटल में ठहरे अतिथियों और उनके परिवारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। होटल परिसर में परंपरा, संस्कृति और आधुनिक आतिथ्य का सुंदर संगम नजर आया। कई अतिथियों ने कहा कि उन्होंने पहली बार किसी रिसॉर्ट में इतने सुंदर और व्यवस्थित तरीके से जन्माष्टमी का सांस्कृतिक आयोजन देखा और यह उनके लिए यादगार अनुभव रहा।
जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की विशेष पूजा एवं आरती आयोजित की गई, जिसमें होटल के अतिथियों, बच्चों और स्टाफ सदस्यों ने श्रद्धापूर्वक सहभागिता की। पूजन के बाद भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और वासुदेव जी द्वारा उन्हें मथुरा से गोकुल पहुंचाने की जीवंत झांकी प्रस्तुत की गई। झांकी में तेज बारिश, उफनती यमुना नदी और टोकरी में बाल श्रीकृष्ण को लेकर गोकुल की ओर जाते वासुदेव जी के प्रसंग को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया गया।
बच्चों और कलाकारों की प्रस्तुति ने धार्मिक प्रसंग को जीवंत कर दिया। झांकी ने उपस्थित अतिथियों को भावविभोर कर दिया और पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। कार्यक्रम का आकर्षण बच्चों के लिए आयोजित मटकी फोड़ प्रतियोगिता और कृष्णा-राधा फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता भी रही। छोटे-छोटे बच्चे भगवान श्रीकृष्ण और राधा के रूप में सजकर मंच पर पहुंचे तो पूरा वातावरण तालियों और जयकारों से गूंज उठा। बच्चों की प्रस्तुतियों ने अतिथियों का मन मोह लिया।
मटकी फोड़ प्रतियोगिता में बच्चों ने टीम बनाकर पारंपरिक अंदाज में उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों के साथ उनके अभिभावकों और अन्य अतिथियों ने भी जमकर उत्साहवर्धन किया। प्रतियोगिताओं ने आयोजन में उत्साह, उमंग और पारिवारिक मनोरंजन का रंग भर दिया।
आयोजन की सफलता पर सन होटल और रिज़ॉर्ट के वाइस प्रेसिडेंट श्री अजय पुंज ने कहा, “पिछले लगातार सात वर्षों से हम जन्माष्टमी के अवसर पर इस प्रकार के आयोजन करते आ रहे हैं। हमारा उद्देश्य केवल धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करना नहीं है, बल्कि होटल में आने वाले अतिथियों और विशेष रूप से बच्चों को हमारी समृद्ध भारतीय संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों से जोड़ना है। हम चाहते हैं कि हमारी आने वाली पीढ़ी अपनी संस्कृति को जाने, समझे और उसे अपने जीवन में आगे बढ़ाए। धर्म, संस्कृति और आनंद का यह संगम आने वाले वर्षों में भी इसी तरह जारी रहेगा।”
उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में होटल की पूरी टीम, स्टाफ सदस्यों, प्रतिभागी बच्चों और अतिथियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। समारोह में देश के विभिन्न हिस्सों से आए पर्यटकों और होटल अतिथियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अतिथियों ने रिसॉर्ट में आयोजित धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम को सुखद और अनूठा अनुभव बताया। उन्होंने विशेष रूप से झांकी, बच्चों की प्रस्तुतियों, मटकी फोड़ प्रतियोगिता, सजावट और पूजा की व्यवस्थाओं की सराहना की। कई परिवारों ने कहा कि इस आयोजन ने उनकी छुट्टियों को और भी खास बना दिया तथा बच्चों को भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से परिचित कराने का सुंदर अवसर मिला।
कार्यक्रम का समापन श्रीकृष्ण आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ। सभी अतिथियों, बच्चों और स्टाफ सदस्यों ने आरती में श्रद्धापूर्वक सहभागिता की। पूरे होटल परिसर में “जय श्री कृष्ण” के जयकारों से भक्तिमय वातावरण बना रहा। सन होटल और रिज़ॉर्ट प्रबंधन ने कहा कि सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से होटल भविष्य में भी भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और परंपराओं को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा। इस तरह जन्माष्टमी का आयोजन धार्मिक उत्सव के साथ संस्कृति, संस्कार, परिवार और आनंद को एक साथ जोड़ने वाला यादगार समारोह बन गया।