20 साल बाद परिवार से मिला राम कुमार, सोशल मीडिया ने सरूपगंज में कराया बिछड़े अपनों से मिलन
20 साल से परिवार से बिछड़े राम कुमार को मानव सेवा आश्रम और सोशल मीडिया की पहल से सरूपगंज में अपने परिजनों का साथ मिला।
तस्वीर में सरूपगंज के मानव सेवा आश्रम में चार पुरुष बैनर के आगे खड़े हैं।
करीब 20 साल से परिवार से बिछड़े राम कुमार धुरिया की अपने परिजनों से मुलाकात ने सरूपगंज स्थित मानव सेवा आश्रम में भावुक कर देने वाला माहौल बना दिया। मानव सेवा आश्रम की पहल और सोशल मीडिया के सकारात्मक उपयोग से राम कुमार का परिवार से संपर्क हो सका। वर्षों से अपनों की तलाश में जुटे परिजनों को जब उनके करीब 20 वर्षों से लापता सदस्य के मिलने की पुष्टि हुई तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ निवासी राम कुमार धुरिया करीब 18 वर्ष की उम्र में अपने भाई राजेश धुरिया के साथ रोजगार की तलाश में घर से पटना, बिहार के लिए निकला था। इसके बाद परिस्थितियां ऐसी बनीं कि राम कुमार अपने परिवार से बिछड़ गया। परिजनों से उसका संपर्क टूट गया और देखते ही देखते एक-दो नहीं, बल्कि करीब दो दशक गुजर गए। परिवार उसकी तलाश करता रहा, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।
वक्त के साथ भटकते-भटकते राम कुमार राजस्थान पहुंच गया। इसी दौरान उसका संपर्क मानव सेवा आश्रम के संचालक जिगर रावल से हुआ। बातचीत के दौरान राम कुमार ने अपने गांव, परिवार और अतीत से जुड़ी जानकारी साझा की। इन जानकारियों को आधार बनाकर जिगर रावल ने राम कुमार का वीडियो अपने इंस्टाग्राम पेज पर साझा किया।
सोशल मीडिया के माध्यम से यह वीडियो राम कुमार के परिवार तक पहुंचा। विकास गोगिया के सहयोग से परिजनों से संपर्क स्थापित हुआ। इसके बाद जब यह पुष्टि हुई कि राम कुमार ही परिवार का करीब 20 वर्षों से लापता सदस्य है, तो परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
इसके बाद राम कुमार के परिजन उसे लेने के लिए मानव सेवा आश्रम, सरूपगंज पहुंचे। वर्षों बाद अपने सामने अपनों को देखकर राम कुमार भावुक हो गया। परिजनों की आंखों से भी खुशी के आंसू छलक पड़े। लंबे इंतजार के बाद हुआ यह मिलन वहां मौजूद लोगों के लिए भी भावुक कर देने वाला पल बन गया।
मानव सेवा आश्रम के संचालक जिगर रावल वर्ष 2017 से मानव सेवा के कार्य में जुटे हुए हैं। आश्रम के प्रयासों से पिछले एक वर्ष में 58 लोगों को उनके परिवारों से मिलाया जा चुका है। राम कुमार को उसके परिवार से मिलाना भी इसी मानवीय अभियान की एक और सफलता है।
जिगर रावल का कहना है कि किसी बिछड़े इंसान को उसके परिवार तक पहुंचाने से बड़ी सेवा उनके लिए कुछ नहीं है। राम कुमार का परिवार से मिलन मानव सेवा की मिसाल बनने के साथ यह भी दिखाता है कि सही दिशा में इस्तेमाल किया जाए तो सोशल मीडिया किसी की जिंदगी बदलने का माध्यम बन सकता है।