भामाशाह राजाराम गुर्जर का बड़ा सहयोग, माँ पन्नाधाय छात्रावास को दिए 11 लाख रुपये

टोंक में माँ पन्नाधाय छात्रावास के शुभारम्भ समारोह में भामाशाह राजाराम गुर्जर ने विद्यार्थियों के भविष्य के लिए ₹11 लाख की सहयोग राशि दी। शिक्षा, संस्कार और समाजसेवा से जुड़े इस योगदान की सराहना की गई।

Update: 2026-08-03 11:18 GMT

तस्वीर में राजाराम गुर्जर पीले रंग का कुर्ता, रंग-बिरंगी पगड़ी और गेंदे के फूलों की माला पहने नजर आ रहे हैं।

टोंक में माँ पन्नाधाय छात्रावास के शुभारम्भ समारोह में समाजसेवा और सहयोग की मिसाल देखने को मिली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, राजस्थान के क्षेत्रीय सेवा प्रमुख शिव लहरी जी के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में करौली नगर परिषद के पूर्व सभापति, भामाशाह एवं दानवीर राजाराम गुर्जर ने छात्रावास के विकास और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए ₹11 लाख की सहयोग राशि समर्पित की।

कार्यक्रम में राजाराम गुर्जर के इस योगदान का उपस्थित जनसमूह ने स्वागत किया। लोगों ने कहा कि वे वर्षों से शिक्षा, गौसेवा, धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों में निरंतर योगदान देकर समाज में सेवा और सहयोग की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। उनका मानना है कि किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति शिक्षा और संस्कारों से होती है, इसलिए शिक्षा से जुड़े संस्थानों को सहयोग देना भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान है।

माँ पन्नाधाय के त्याग, बलिदान और राष्ट्रभक्ति को समर्पित छात्रावास के शुभारम्भ अवसर पर राजाराम गुर्जर ने कहा कि समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को शिक्षा और संस्कारों के क्षेत्र में आगे आकर अपना योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह छात्रावास आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान, संस्कार और राष्ट्रसेवा का प्रेरणादायी केंद्र बनेगा।

समारोह में जीतू शुक्ला सहित अनेक सामाजिक, धार्मिक एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने राजाराम गुर्जर के सहयोग को समाज के लिए प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि ऐसे भामाशाहों के कारण सेवा, सहयोग और जनकल्याण की परंपरा निरंतर मजबूत हो रही है।

राजाराम गुर्जर द्वारा समय-समय पर शिक्षा, धर्म, गौसेवा और समाजहित के कार्यों में दिया जा रहा योगदान उन्हें समाज के अग्रणी लोकसेवियों की पंक्ति में स्थापित करता है। माँ पन्नाधाय छात्रावास के लिए दिया गया यह सहयोग आर्थिक सहायता के साथ-साथ समाज के प्रति उनकी संवेदनशीलता, उत्तरदायित्व और सेवा भावना का उदाहरण है।

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