जयपुर में 35 पाक विस्थापित हिन्दू महिलाओं को मिली स्वचालित सिलाई मशीनें, बढ़ा आत्मनिर्भरता का संकल्प

जयपुर में सेवायाम और हिन्दू शरणार्थी सेवा समिति ने 35 पाक विस्थापित हिन्दू महिलाओं को स्वचालित सिलाई मशीनें वितरित कीं। कार्यक्रम में महिलाओं ने पाकिस्तान की पीड़ा बताई और आत्मनिर्भरता के नए संकल्प के साथ आगे बढ़ने की बात कही।

Update: 2026-08-03 11:15 GMT

तस्वीर में जयपुर में आयोजित समारोह के दौरान पाक विस्थापित महिलाओं को निःशुल्क स्वचालित सिलाई मशीनें वितरित करते हुए अतिथि और गणमान्य लोग नजर आ रहे हैं।

जयपुर में पाक विस्थापित हिन्दू शरणार्थी परिवारों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सेवायाम और हिन्दू शरणार्थी सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित समारोह में 35 महिलाओं को निःशुल्क स्वचालित सिलाई मशीनें वितरित की गईं। कार्यक्रम में महिलाओं ने पाकिस्तान में झेली गई पीड़ा साझा की और भारत में सम्मान व आत्मविश्वास के साथ जीवन जीने का संदेश दिया गया।

जयपुर में आयोजित इस समारोह में पूर्व सभापति करौली राजाराम गुर्जर और पूर्व महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर ने पाक विस्थापित हिन्दू महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से स्वचालित सिलाई मशीनें प्रदान कीं। इससे पहले भी पूर्व सभापति राजाराम गुर्जर एवं पूर्व महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर द्वारा पांच स्वचालित सिलाई मशीनें पाक विस्थापित महिलाओं को दी गई थीं। इन मशीनों का अच्छा रेस्पांस मिलने के बाद शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में 35 महिलाओं को निःशुल्क मशीनों का वितरण किया गया।

"कौशल प्रशिक्षण अभियान" के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र के प्रति विश्वास का भाव प्रमुख रूप से दिखाई दिया। समारोह के दौरान कई पाक विस्थापित महिलाएं पाकिस्तान में बिताए कठिन समय को याद कर भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में हिन्दू परिवारों, विशेषकर महिलाओं और बेटियों के लिए जीवन बेहद कठिन था। उन्होंने बताया कि वहां भय और असुरक्षा के वातावरण में रहना पड़ता था तथा कई धार्मिक और सामाजिक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ता था।

महिलाओं ने कहा, "अब भारत ही हमारा देश है। यहां हमें सम्मान, सुरक्षा और अपने बच्चों के बेहतर भविष्य की उम्मीद मिली है।" उन्होंने भारत में मिले सम्मान और अवसरों के लिए आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में हिन्दू शरणार्थी सेवा समिति के संरक्षक दृष्टदमन सिंह, अध्यक्ष महेन्द्र सिंह राजावत, कोषाध्यक्ष प्रताप राव, महासचिव राजाराम गुर्जर सहित सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में पाक विस्थापित हिन्दू परिवारों के सदस्य मौजूद रहे।

इस अवसर पर पाक विस्थापित हिन्दू परिवारों से संवाद करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जयपुर प्रांत के प्रांत प्रचारक बाबूलालजी ने कहा कि समाज की सबसे बड़ी शक्ति उसका संगठन और परिवार व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति को सुरक्षित और सशक्त बनाए रखने के लिए परिवार और सामाजिक संबंधों को मजबूत करना आवश्यक है।

बाबूलालजी ने कहा, "भारत की संस्कृति को बचाना है तो बच्चे चार पैदा करो, ताकि हमारे बच्चों की मौसी और काकाजी जैसे आत्मीय रिश्ते बने रहें।" उन्होंने पाकिस्तान से आए हिन्दू परिवारों को संबोधित करते हुए कहा, "भारत में डरकर नहीं, सम्मान और आत्मविश्वास के साथ जिएं। जो परिस्थितियां आपने पाकिस्तान में देखीं, वैसी यहां नहीं होंगी। यदि आप डरकर रहेंगे तो यहां भी आगे नहीं बढ़ पाएंगे।"

अपने संबोधन में बाबूलालजी ने पाकिस्तान में हिन्दू समाज की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां अनेक स्थानों पर हिन्दू समुदाय अपने धार्मिक त्योहार स्वतंत्र रूप से नहीं मना पाता। उन्होंने भारत के कुछ जिलों की सामाजिक परिस्थितियों को लेकर भी चिंताएं व्यक्त किए जाने का उल्लेख किया और कहा कि समाज को संगठित, जागरूक और सांस्कृतिक रूप से सशक्त रहने की आवश्यकता है। उन्होंने सेवायाम के माध्यम से पूर्व महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर और पूर्व सभापति करौली राजाराम गुर्जर द्वारा किए जा रहे कार्यों को भी प्रोत्साहित किया।

सेवायाम की संस्थापक एवं जयपुर की पूर्व महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर ने कहा कि सेवायाम संस्था का उद्देश्य केवल सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने बताया कि सेवायाम वर्षों से पाक विस्थापित हिन्दू परिवारों के पुनर्वास, महिला कौशल विकास, स्वरोजगार, शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रहा है।

डॉ. सौम्या गुर्जर ने कहा कि हर सिलाई मशीन एक महिला के आत्मसम्मान, रोजगार और उसके परिवार के उज्ज्वल भविष्य की नई शुरुआत है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी पांच सिलाई मशीनें पाक विस्थापित महिलाओं को निशुल्क दी गई थीं।

हिन्दू शरणार्थी सेवा समिति के महासचिव राजाराम गुर्जर ने बताया कि संस्था का उद्देश्य पाकिस्तान से विस्थापित होकर भारत आए हिन्दू परिवारों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से सेवायाम द्वारा महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार के अवसर, सिलाई मशीन वितरण, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा पुनर्वास से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम लगातार संचालित किए जा रहे हैं।

राजाराम गुर्जर ने बताया कि संस्था का प्रयास है कि प्रत्येक विस्थापित परिवार अपने पैरों पर खड़ा होकर सम्मानपूर्वक जीवन-यापन कर सके और राष्ट्र की मुख्यधारा से सशक्त रूप से जुड़ सके।

समारोह के अंत में 35 पाक विस्थापित हिन्दू महिलाओं को निःशुल्क ऑटोमैटिक सिलाई मशीनें वितरित की गईं। लाभार्थी महिलाओं ने कहा कि यह सहयोग उनके लिए केवल एक सिलाई मशीन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर जीवन, सम्मानजनक आजीविका और नए भविष्य की शुरुआत है। उन्होंने सेवायाम और हिन्दू शरणार्थी सेवा समिति के प्रति आभार व्यक्त किया।

Tags:    

Similar News