राज्यपाल को किसानों का ज्ञापन, इसरदा-बांध बरैठा सेक्शन में नहर की जगह पाइपलाइन की मांग
ईआरसीपी/एमपीकेसी के इसरदा-बांध बरैठा सेक्शन से प्रभावित किसानों ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर चौड़ी नहर के बजाय बंद पाइपलाइन, नहर की चौड़ाई कम करने और उचित बाजार मूल्य पर मुआवजे की मांग उठाई।
सवाई माधोपुर क्षेत्र के प्रभावित किसान अपनी समस्याओं को लेकर जयपुर स्थित राजभवन में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए।
जयपुर। ईआरसीपी/एमपीकेसी परियोजना के इसरदा से बांध बरैठा सेक्शन में प्रभावित किसानों की समस्याओं को लेकर बौंली, सवाई माधोपुर क्षेत्र के किसानों ने 8 अक्टूबर को राजभवन, जयपुर में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। प्रभावित किसान कपिल गोयल, आशु गोयल, ओमनारायण गोयल एवं अन्य किसानों ने परियोजना में प्रस्तावित नहर से जुड़ी समस्याओं और मुआवजे से संबंधित मुद्दों को ज्ञापन के माध्यम से सामने रखा।
राजेश मीणा ने बताया कि राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में किसानों ने प्रस्तावित चौड़ी नहर के स्थान पर बंद पाइपलाइन के विकल्प पर विचार करने की मांग की। किसानों का कहना है कि इससे बड़ी मात्रा में उपजाऊ कृषि भूमि के अधिग्रहण को कम किया जा सकेगा। किसानों ने नहर की चौड़ाई कम करने की मांग भी रखी।
ज्ञापन में किसानों ने उचित एवं वास्तविक बाजार मूल्य के आधार पर मुआवजा देने की मांग की। इसके साथ ही डीएलसी दरों की समीक्षा करने और नगर पालिका की दूरी संबंधी नियम के कारण मुआवजे में संभावित कमी की समस्या पर भी राज्यपाल का ध्यान आकर्षित किया।
किसानों ने राज्यपाल से प्रभावित किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने का आग्रह किया। इसरदा से बांध बरैठा सेक्शन से जुड़े किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से नहर की संरचना, भूमि अधिग्रहण और मुआवजे से जुड़े अपने पक्ष को राज्यपाल के समक्ष रखा।