सवाई माधोपुर, 8 अक्टूबर। नगर परिषद सवाई माधोपुर क्षेत्र में संपत्तियों के रिकॉर्ड को डिजिटल रूप देने की दिशा में नक्शा परियोजना के तहत डिजिटल सर्वे अंतिम चरण में पहुंच गया है। भारत सरकार की इस परियोजना के तहत नगरीय क्षेत्र की प्रत्येक संपत्ति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। अप्रैल माह से शुरू हुए सर्वे कार्य को दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सर्वे पूरा होने के बाद आमजन से आपत्तियां और दावे आमंत्रित किए जाएंगे। इनके निस्तारण के बाद नई व्यवस्था को नए वर्ष की शुरुआत में लागू किया जाएगा।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद नगरीय क्षेत्र के भूखंड एवं मकान मालिकों को पारंपरिक पट्टे की जगह यूआर कार्ड यानी प्रॉपर्टी कार्ड जारी किया जाएगा। इसमें संबंधित संपत्ति के स्वामित्व और अन्य जरूरी दस्तावेज डिजिटल रूप में दर्ज रहेंगे। इससे संपत्ति से जुड़ी जानकारी एक क्लिक पर ऑनलाइन उपलब्ध हो सकेगी।

नक्शा परियोजना का उद्देश्य नगरीय संपत्तियों का सटीक और व्यवस्थित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है, ताकि नगर नियोजन और विकास कार्यों के लिए बेहतर आधारभूत डेटा उपलब्ध हो सके। डिजिटल सर्वे के दौरान फील्ड टीम प्रत्येक प्लॉट का लोकेशन सर्वे (जीटी), स्थल सत्यापन और संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों का मिलान करेगी। उपलब्ध जानकारी के आधार पर संपत्ति का अधिकार अभिलेख तैयार किया जाएगा। इससे संपत्ति संबंधी रिकॉर्ड में पारदर्शिता बढ़ने के साथ भविष्य के नगर नियोजन और विकास कार्यों में भी मदद मिलेगी।

नगर परिषद ने संपत्ति मालिकों से सर्वे टीम का सहयोग करने की अपील की है। सर्वे के दौरान संपत्ति मालिकों को स्वामित्व संबंधी दस्तावेज, वर्तमान कर रसीद, पहचान पत्र, मोबाइल नंबर, प्लॉट स्वामी की फोटो तथा प्लॉट या संपत्ति की फोटो सहित उपलब्ध दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। सर्वे टीम में शामिल सदस्य सरकारी अधिकृत कर्मचारी होंगे और उनके पास नक्शा सर्वे का पहचान पत्र रहेगा।

नगर परिषद ने नागरिकों को स्पष्ट रूप से अपील की है कि वे किसी अनधिकृत व्यक्ति को अपने दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराएं। सर्वे के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जा रहा है। सही जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध कराकर सर्वे कार्य में सहयोग करने से सवाई माधोपुर में संपत्तियों का सटीक और पारदर्शी डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा सकेगा।

नगर परिषद की ओर से जारी किया जाने वाला यूआर कार्ड यानी प्रॉपर्टी कार्ड पट्टे के समान मान्य होगा। इसके आधार पर संपत्ति मालिकों को बैंक लोन लेने में सुविधा मिलने के साथ संपत्ति दस्तावेजों में पारदर्शिता बढ़ेगी। इसके अलावा संपत्ति की सीमाओं से जुड़े विवादों को कम करने में भी यह व्यवस्था मददगार होगी।

नक्शा परियोजना के तहत सवाई माधोपुर के अलावा बगरू, भिवाड़ी, बहरोड़, जैसलमेर, पुष्कर, ब्यावर, नवलगढ़, किशनगढ़ और नाथद्वारा को भी चयनित किया गया है। इस तरह परियोजना में कुल 10 शहर शामिल हैं।

सहायक नगर नियोजन नगर परिषद सवाई माधोपुर रणधीर मीरवाल ने बताया कि नक्शा प्रोजेक्ट विभाग की एक महत्वपूर्ण योजना है। इसके तहत नगरीय क्षेत्र की प्रत्येक प्रॉपर्टी का डिजिटलकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता के साथ आमजन के लिए यह प्रोजेक्ट बेहद लाभदायक साबित होगा। दिसंबर तक सर्वे पूरा होने और दावों-आपत्तियों के निस्तारण के बाद नए वर्ष की शुरुआत में लागू होने वाली यह व्यवस्था सवाई माधोपुर की संपत्तियों के रिकॉर्ड को डिजिटल स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव होगी।

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