सवाई माधोपुर के वजीरपुर थाना क्षेत्र में 7 अक्टूबर 2026 की रात हुई वृद्ध महिला की हत्या के मामले में 15 अक्टूबर 2026 को हिंडौन के कटकड़ से गिरफ्तार किए गए आरोपी पुलिस हिरासत में।

सवाई माधोपुर जिले के वजीरपुर थाना क्षेत्र में वृद्धा की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी वारदात के बाद से पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहे थे। पुलिस टीम ने तलाश और दबिश की कार्रवाई के बाद 15 अक्टूबर 2026 को दोनों को हिंडौन सदर थाना क्षेत्र के गांव कटकड़ के बस स्टैंड से हिरासत में लिया। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

पुलिस अधीक्षक सवाई माधोपुर ज्येष्ठा मैत्रेई आईपीएस के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सेक्टर गंगापुर सिटी नारायण लाल तिवाड़ी, वृत्ताधिकारी गंगापुर सिटी गिर्राज मीणा और वजीरपुर थाना प्रभारी उपनिरीक्षक राजवीर सिंह के निकटतम सुपरविजन में यह कार्रवाई की गई। प्रकरण संख्या 181/2026 में फरार आरोपियों विकास मीणा और राहुल मीणा को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार, मीना बड़ौदा निवासी मेघ सिंह मीणा पुत्र लेहड़ेराम मीणा, उम्र 30 वर्ष, ने 8 अक्टूबर 2026 को वजीरपुर थाने में लिखित रिपोर्ट पेश की थी। रिपोर्ट में बताया गया कि 7 अक्टूबर 2026 की रात करीब 9 बजे उनकी मां जनकबाई घर पर अपनी मौसी, किस्तूरी, बुआ, लल्लो, चाची मीरा और ताऊ कल्ला के साथ थीं। इसी दौरान अमरसिंह पुत्र छाजू, विकास पुत्र औतार, सियाराम पुत्र छाजू, रोहित पुत्र रामकिशन, रामकिशन पुत्र छाजू, विकास पुत्र हरिमन, राहुल पुत्र सियाराम, भीमसिंह पुत्र छाजू, अशोक पुत्र इंद्रराज, हेमा पत्नी औतार, सावो पत्नी हरिसिंह, कमला पत्नी अमरसिंह, लच्छो पत्नी रामकिशन, भरतो पत्नी सियाराम और आम का पुरा निवासी दिलीप पुत्र राधेश्याम समेत कुछ अन्य लोग वहां पहुंचे, जिन्हें परिवादी पहचान सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, सभी आरोपी घातक हथियारों से लैस थे। उन्होंने परिवादी के घर पहुंचकर वहां मौजूद महिलाओं को भद्दी गालियां देना शुरू कर दिया। परिवादी की मां ने जब उन्हें गाली देने से मना किया तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। वे जनकबाई को घसीटकर करीब 15 से 20 मीटर दूर ले गए और रास्ते में पटककर बेरहमी से पीटा।

आरोप है कि अमरसिंह पुत्र छाजू ने जनकबाई के पैर पर कुल्हाड़ी से वार किया, जिससे उन्हें गंभीर चोट आई। विकास पुत्र औतार ने उनके दाहिने हाथ पर लोहे के पाइप से हमला किया। वहीं, रामकिशन पुत्र छाजू, भीमसिंह पुत्र छाजू, विकास पुत्र हरिमन, सियाराम पुत्र छाजू, रोहित पुत्र रामकिशन, राहुल पुत्र सियाराम और दिलीप पुत्र राधेश्याम ने भी सरियों और पाइप से लगातार मारपीट की। आरोपियों के साथ मौजूद हेमा पत्नी औतार, सावो पत्नी हरिसिंह, कमला पत्नी अमरसिंह, लच्छो पत्नी रामकिशन और भरतो पत्नी सियाराम ने भी लाठियों और डंडों से हमला किया।

रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि सभी ने एकराय होकर जनकबाई की निर्मम हत्या कर दी। परिवादी की मौसी, बुआ, चाची और ताऊ ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी नहीं माने और उन्हें उपचार के लिए भी नहीं ले जाने दिया। पुलिस को सूचना मिलने के बाद जनकबाई को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां पहुंचते ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

लिखित रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने प्रकरण संख्या 181/2026 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धाराओं 190, 191(1), 191(3), 103(1) और 333 के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद थाना प्रभारी उपनिरीक्षक राजवीर सिंह ने जांच शुरू की।

पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की। जांच के दौरान सामने आया कि विकास मीणा पुत्र रामावतार, उम्र 21 वर्ष, और राहुल मीणा पुत्र सियाराम, उम्र 20 वर्ष, दोनों निवासी मीना बड़ौदा, थाना वजीरपुर, घटना के बाद से फरार थे। पुलिस टीम ने उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी। आरोपी कथित तौर पर चतुराई से बार-बार अपने ठिकाने बदल रहे थे और पुलिस से बचने का प्रयास कर रहे थे।

लगातार प्रयासों के बाद पुलिस टीम ने जाल बिछाकर जिला करौली के हिंडौन सदर थाना क्षेत्र स्थित गांव कटकड़ के बस स्टैंड से दोनों आरोपियों को पकड़ा। पूछताछ और अनुसंधान के बाद 15 अक्टूबर 2026 को उनकी गिरफ्तारी की गई। पुलिस के अनुसार, इस प्रकरण में अन्य आरोपियों की तलाश के लिए कार्रवाई लगातार जारी है।

इस कार्रवाई में वजीरपुर थाने के कांस्टेबल तेजवीर सिंह, कांस्टेबल मानवेंद्र सिंह, थाना प्रभारी उपनिरीक्षक राजवीर सिंह, हेड कांस्टेबल पवन, कांस्टेबल राहुल, संजीव, वीरेंद्र और रणधीर सहित पुलिस टीम की भूमिका रही। वृद्धा की हत्या के इस मामले में दो फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब शेष आरोपियों की तलाश और प्रकरण की जांच में जुटी है।

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