रणथम्भौर टाइगर रिजर्व के आसपास अतिक्रमण और अवैध खनन रोकने के लिए जिला कलक्टर काना राम की अध्यक्षता में सवाई माधोपुर में आयोजित उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक.   

सवाई माधोपुर, 16 अक्टूबर। रणथम्भौर टाइगर रिजर्व के आसपास अतिक्रमण, अवैध निर्माण और अवैध खनन गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। वन्यजीव संरक्षण और वन क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला कलक्टर काना राम की अध्यक्षता में गठित उच्चाधिकार प्राप्त (एम्पावर्ड) समिति की शुक्रवार को बैठक हुई। इसमें संबंधित विभागों को लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर नियमानुसार कार्रवाई करने और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी व्यवस्था मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए।

जिला कलक्टर काना राम ने अधिकारियों से वन क्षेत्र और वन्यजीव सुरक्षा से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा कर निर्धारित समयावधि में कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अवैध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखने और सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। वन क्षेत्र के संवेदनशील स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।

कलक्टर ने अमरेश्वर एवं शेरपुर चेक पोस्ट पर पुलिस, वन एवं परिवहन विभाग की संयुक्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि अवैध खनन और खनन सामग्री के परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। इसके साथ ही रणथम्भौर टाइगर रिजर्व की सीमा के आसपास हो रहे अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों से संबंधित अभिलेखों का परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा।

अवैध खनन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कलक्टर ने ऐसे वाहनों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करने, संबंधित मामलों में एफआईआर दर्ज कराने और कार्रवाई का विवरण संबंधित विभागों को भेजने को कहा। बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली, डंपर और अन्य वाहनों के संचालन पर सख्ती बरतने के साथ बिना पंजीकरण अथवा नियमानुसार आवश्यक पहचान के बिना चलने वाले वाहनों पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश भी दिए।

वन एवं वन्यजीव संरक्षण के लिए अतिक्रमण पर नियंत्रण और अवैध गतिविधियों की रोकथाम के उद्देश्य से वन, पुलिस, परिवहन सहित अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त गश्त प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। कलक्टर ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी व्यवस्था की नियमित समीक्षा करने और तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर वन क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक प्रकरण में नियमानुसार कार्रवाई की जाए और उसकी प्रगति की नियमित समीक्षा हो।

बैठक में उपवन संरक्षक मानव सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहित कासनिया, संयुक्त निदेशक डीओआईटी पंकज मीणा, उप निदेशक पर्यटन मधुसूदन सिंह, तहसीलदार राकेश मीना और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सतीश वर्मा सहित परिवहन, सूचना प्रौद्योगिकी तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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