श्री अग्रसेन कन्या महाविद्यालय की छात्राएं और स्टाफ हिंडौन सिटी में मतदाता जागरूकता बैनर के साथ खड़े हैं।

सवाई माधोपुर में पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए जिलेभर में सात दिवसीय जन-जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत 1 से 7 नवम्बर तक आयोजित ब्रिक्स सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक के अंतर्गत मिशन लाइफ (लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट) के तहत विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। अभियान का उद्देश्य आमजन को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक कर दैनिक जीवनशैली में छोटे लेकिन प्रभावी बदलाव अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पर्यावरण संरक्षण के प्रति दूरदर्शी सोच और मिशन लाइफ की अवधारणा से प्रेरित इस अभियान के माध्यम से ऊर्जा एवं जल संरक्षण, प्लास्टिक के उपयोग में कमी, कचरा प्रबंधन, टिकाऊ खाद्य प्रणालियों, मोटे अनाज के उपयोग और प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपभोग का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है।

अभियान के तहत प्रत्येक दिन के लिए अलग-अलग थीम निर्धारित की गई है। इसकी शुरुआत 1 नवम्बर को 'स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं' थीम के साथ हुई। इस दौरान योग, शारीरिक गतिविधियों और वृक्षारोपण के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने का संदेश दिया गया।

वहीं, 2 नवम्बर को 'ऊर्जा की बचत' थीम के तहत बिजली के अनावश्यक उपयोग को रोकने और ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न कार्यालयों में एक घंटे तक विद्युत उपकरण और लाइटें बंद रखी गईं। इसके साथ ही विद्यालयों में विद्यार्थियों को ऊर्जा संरक्षण के महत्व की जानकारी दी गई।

अभियान के आगामी कार्यक्रमों के तहत 4 नवम्बर को सतत खाद्य प्रणालियों और मोटे अनाज के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा। 5 नवम्बर को एकल उपयोग प्लास्टिक का त्याग करने, 6 नवम्बर को ई-कचरे के उचित निस्तारण एवं प्रबंधन और 7 नवम्बर को सामान्य कचरे में कमी लाने तथा स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे।

सवाई माधोपुर वन मण्डल ने आमजन, विद्यार्थियों, युवाओं, शैक्षणिक संस्थानों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। सात दिनों तक चलने वाली इन गतिविधियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने और प्राकृतिक संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग का संदेश दिया जा रहा है।

Tags: