आकाशवाणी परिसर में जर्जर पेड़ों का खौफ, बिजली तारों के सहारे टिका खतरा
सवाई माधोपुर के मानटाउन स्थित आकाशवाणी परिसर में जर्जर पेड़ों से खतरा बढ़ गया है। कुछ दिन पहले डाल गिरने से कार क्षतिग्रस्त हुई। कॉलोनीवासियों ने जिला कलेक्टर से तत्काल तकनीकी निरीक्षण और कार्रवाई की मांग की है।
तस्वीर में सवाई माधोपुर के मानटाउन क्षेत्र स्थित आकाशवाणी परिसर के पास बिजली के तारों के पास खड़े हरे-भरे पेड़ दिखाई दे रहे हैं।
आकाशवाणी केंद्र परिसर में खड़े विशाल और जर्जर पेड़ अब सवाई माधोपुर के मानटाउन क्षेत्र में आसपास रहने वाले लोगों के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। पेड़ों की कई शाखाएं सूख चुकी हैं और उनकी स्थिति ऐसी है कि वे बिजली के तारों और पोल के सहारे टिके नजर आ रहे हैं। तेज हवा या बारिश के दौरान इनके गिरने से बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।
कुछ दिन पहले आकाशवाणी परिसर के पास से सुभाष कॉलोनी की ओर जाने वाले रास्ते के समीप एक जर्जर पेड़ की भारी डाल टूटकर सड़क किनारे खड़ी कार पर गिर गई। गनीमत रही कि कार मालिक कुछ ही देर पहले कार खड़ी कर घर के अंदर गए थे। इससे वे हादसे की चपेट में आने से बच गए, लेकिन कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद आसपास के लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
कॉलोनीवासियों का कहना है कि प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार नहीं करना चाहिए। स्थानीय लोगों के अनुसार पेड़ों की मौजूदा हालत को देखते हुए तेज हवा या तूफान आने पर इनके बिजली की लाइनों की चपेट में आने की आशंका है। ऐसे में पेड़ सड़क से गुजरने वाले लोगों और आसपास स्थित मकानों पर गिर सकते हैं, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है।
सुभाष कॉलोनी निवासी एक सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी ने बताया कि पूर्व में भी इनमें से एक पेड़ का आधा हिस्सा टूटकर सड़क पर गिर चुका है। इसके बाद कॉलोनीवासियों ने तहसीलदार से शिकायत की थी। बताया गया कि तत्कालीन स्तर पर जर्जर पेड़ों को हटाने की स्वीकृति भी दी गई थी, लेकिन आकाशवाणी स्टाफ ने यह कहते हुए पेड़ काटने की कार्रवाई रुकवा दी कि यह उनकी संपत्ति है।
अब स्थिति यह है कि एक जर्जर पेड़ की डाल गिरने से कार पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुकी है और परिसर में खड़े अन्य पेड़ बिजली के तारों के बेहद करीब हैं। ऐसे में कॉलोनीवासियों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि प्रशासन किसी बड़ी जनहानि का इंतजार क्यों कर रहा है।
कॉलोनीवासियों ने जिला कलेक्टर से मामले को गंभीरता से लेते हुए आकाशवाणी परिसर में खड़े सभी जर्जर और खतरनाक पेड़ों का तत्काल तकनीकी निरीक्षण करवाने तथा जनसुरक्षा के लिहाज से आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि पेड़ किसकी संपत्ति है, यह बाद का विषय है, लेकिन लोगों की जिंदगी की सुरक्षा सबसे पहले है। समय रहते इन पेड़ों को नहीं हटाया गया तो किसी दिन होने वाला हादसा प्रशासन के लिए भी गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।