पाँचना बांध से 20 साल बाद नहरों में बहा पानी, 50 करोड़ की योजना से 21 गांवों को मिलेगा लाभ
राजस्थान सरकार ने 50 करोड़ की लिफ्ट सिंचाई परियोजना और 11.5 करोड़ के मरम्मत कार्यों को दी मंजूरी, 21 गांवों और कमांड क्षेत्र को मिलेगा फायदा।
राजस्थान के करौली जिले में गंभीर नदी पर बने पाँचना बांध से जुड़ा करीब दो दशक पुराना जल वितरण विवाद अब समाधान की दिशा में पहुंच गया है। राज्य सरकार की पहल, प्रशासनिक समन्वय और किसानों के बीच बनी सहमति के बाद 6 जुलाई 2026 को बांध से नहरों में पानी छोड़ा गया। इसके साथ ही लंबे समय से सिंचाई के लिए पानी का इंतजार कर रहे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। सरकार ने गुड़ला सहित आसपास के 21 राजस्व गांवों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 50 करोड़ रुपये की पाँचना लिफ्ट सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी है। वहीं, नहरी तंत्र के सुदृढ़ीकरण और मरम्मत के लिए 11 करोड़ 50 लाख रुपये के कार्य भी शुरू किए गए हैं।
करौली जिले में गंभीर नदी पर निर्मित पाँचना बांध क्षेत्र की प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं में शामिल है। लगभग 2100 एमसीएफटी जल भंडारण क्षमता वाले इस बांध से करीब 10 हजार हेक्टेयर कृषि क्षेत्र की सिंचाई जुड़ी हुई है। क्षेत्र के हजारों किसानों की कृषि गतिविधियां और आजीविका इस जल संसाधन के प्रभावी उपयोग पर निर्भर हैं।
जल वितरण को लेकर अलग-अलग क्षेत्रों के किसानों की अपेक्षाओं में अंतर के चलते वर्ष 2006 के बाद से बांध के कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी नहीं पहुंच पा रहा था। इससे सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हुई और किसानों को लंबे समय तक परेशानी का सामना करना पड़ा। कमांड क्षेत्र के किसान नहरों के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाने की मांग कर रहे थे, जबकि गुड़ला सहित आसपास के 21 राजस्व गांवों के किसान लिफ्ट सिंचाई परियोजना के जरिए अपने खेतों तक पानी पहुंचाने की अपेक्षा रखते थे।
दोनों पक्षों की मांगें कृषि, आजीविका और क्षेत्रीय विकास से जुड़ी थीं। ऐसे में जल संसाधनों का न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित करने और सभी संबंधित क्षेत्रों के किसानों के हितों का ध्यान रखने के लिए संतुलित समाधान की आवश्यकता थी।
लंबे समय से लंबित इस समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसानों के हितों, संवाद और आपसी समन्वय को प्राथमिकता दी। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026-27 के बजट में गुड़ला क्षेत्र के 21 राजस्व गांवों को लिफ्ट सिंचाई योजना के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने की घोषणा की। इसके तहत 50 करोड़ रुपये की पाँचना लिफ्ट सिंचाई परियोजना को स्वीकृति दी गई।
इसके साथ ही पाँचना बांध के नहरी तंत्र को मजबूत बनाने के लिए 11 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से मरम्मत कार्य भी शुरू किए गए। इन दोनों परियोजनाओं से जल वितरण को लेकर लंबे समय से बनी समस्या के समाधान का रास्ता खुला। लिफ्ट सिंचाई परियोजना से गुड़ला सहित 21 राजस्व गांवों में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार की संभावना बनी, जबकि नहरी तंत्र की मरम्मत से कमांड क्षेत्र के किसानों को बेहतर जल उपलब्धता की उम्मीद मिली।
पाँचना बांध से जुड़े विवाद के समाधान में किसानों और प्रशासन के बीच लगातार हुए संवाद की अहम भूमिका रही। विस्तृत विचार-विमर्श और जल संसाधनों के संतुलित एवं न्यायसंगत उपयोग पर सहमति बनाने के प्रयासों के बाद 30 जून 2026 को समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन और राज्य सरकार के लगातार प्रयासों से लगभग दो दशकों से चले आ रहे गतिरोध के समाधान का मार्ग प्रशस्त हुआ। गुड़ला संघर्ष समिति, ग्रामोत्थान संस्था एवं गंभीर नदी जल बचाओ समिति के प्रतिनिधियों ने भी समाधान पर संतोष जताते हुए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। यह समझौता केवल जल वितरण व्यवस्था से जुड़ा निर्णय नहीं रहा, बल्कि किसानों के बीच आपसी विश्वास, सहयोग और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने वाला कदम भी साबित हुआ।
समझौते के बाद नहरी तंत्र का तकनीकी आकलन और परीक्षण कर जल प्रवाह शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। आखिरकार 6 जुलाई 2026 को पाँचना बांध से नहरों में पानी छोड़ा गया। लगभग दो दशकों के अंतराल के बाद नहरों में जल प्रवाह शुरू होने से किसानों में बेहतर खेती, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और कृषि विकास को लेकर नई उम्मीदें जगीं।
यह घटनाक्रम किसानों के लंबे इंतजार के बाद नहरी सिंचाई व्यवस्था बहाल होने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुआ। इसके साथ ही सरकारी पहल, प्रशासनिक समन्वय और किसानों के बीच सहमति से लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान संभव हुआ।
पाँचना बांध से जुड़े इस समाधान की खासियत यह है कि इसमें कमांड क्षेत्र के किसानों की नहरी सिंचाई जरूरतों के साथ बांध के आसपास के क्षेत्रों की जल आवश्यकताओं को भी महत्व दिया गया है। 50 करोड़ रुपये की स्वीकृत पाँचना लिफ्ट सिंचाई परियोजना से गुड़ला सहित 21 राजस्व गांवों तक सिंचाई सुविधाओं के विस्तार का रास्ता तैयार हुआ है। वहीं, 11 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से नहरी तंत्र की मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण के कार्य कमांड क्षेत्र में जल वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से किसानों को बेहतर फसल उत्पादन, कृषि विविधीकरण और आजीविका के नए अवसर मिलने की संभावना है। पर्याप्त और समयबद्ध सिंचाई व्यवस्था से कृषि उत्पादकता बढ़ने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। पाँचना बांध से नहरों में जल प्रवाह की बहाली और 21 गांवों के लिए लिफ्ट सिंचाई परियोजना की स्वीकृति क्षेत्र के जल प्रबंधन और कृषि विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।