तस्वीर में सवाई माधोपुर के आदर्श नगर स्थित तेरापंथ भवन में पर्युषण महापर्व के अवसर पर धर्मसभा में बैठे श्रद्धालु नजर आ रहे हैं।

आदर्श नगर (सवाई माधोपुर), 8 सितंबर 2026। श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा आदर्श नगर (सवाई माधोपुर) के तत्वावधान में आयोजित नौ दिवसीय पर्युषण महापर्व का प्रथम दिवस खाद्य संयम दिवस के रूप में मनाया गया। तेरापंथ भवन आदर्श नगर में वरिष्ठ प्रेक्षा प्रशिक्षक प्रवक्ता उपासक पारस मलजी दुगड़ एवं सहयोगी उपासक रमेश कुमारजी सिंघवी मुंबई ने खाद्य संयम को जीवन का अंग बनाने की सीख देते हुए सुखमय जीवन के सूत्र बताए।

उपासक पारस मलजी दुगड़ एवं रमेश कुमारजी सिंघवी ने कहा कि व्यक्ति को जब-तब खाने के भाव से दूर रहकर इस बात पर चिंतन करना चाहिए कि कैसे, कितना, क्या और कब खाना है। उन्होंने बताया कि खाने के मामले में मन की मर्यादा टूटने और विरक्ति भाव छूटने से व्यक्ति रोगी बनकर जीता है। सात्विक भोजन से तन और मन दोनों का शोधन होता है।

उन्होंने कहा कि शास्त्रकारों ने शुद्ध, सात्विक और नियमित भोजन को जीवन का महत्वपूर्ण अंग बताया है तथा रात्रि भोजन का परिहार करने की प्रेरणा दी है। सप्ताह में एक दिवस निराहार रहकर विभिन्न रोगों से छुटकारा पाया जा सकता है। जापानी जीव वैज्ञानिकों ने भी कैंसर जैसी असाध्य बीमारी को खाद्य संयम के माध्यम से काबू करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है।

इस अवसर पर श्रद्धालु श्रावक-श्राविकाओं ने उपवास, एकासन तप के माध्यम से खाद्य संयम दिवस मनाया। प्रातःकालीन सत्र में वरिष्ठ प्रेक्षा प्रशिक्षक प्रवक्ता उपासक पारस मलजी दुगड़ ने प्रेक्षा ध्यान एवं यौगिक क्रियाओं के माध्यम से घुटनों में दर्द व एसिडिटी से निजात पाने हेतु प्रायोगिक अभ्यास की जानकारी दी।

प्रवचन सभा में आदर्श नगर, बजरिया, मण्डी रोड़ आवासन मण्डल के धर्मानुरागी भाई-बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पर्युषण महापर्व के प्रथम दिवस आयोजित कार्यक्रम में खाद्य संयम को जीवनशैली का हिस्सा बनाने तथा प्रेक्षा ध्यान एवं यौगिक क्रियाओं के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी लाभ प्राप्त करने पर विशेष रूप से जानकारी दी गई।

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