कुंआरिया: शिक्षक संघ के जिला अधिवेशन में उठीं तबादले और DPC की मांगें
राजसमंद में आयोजित राजस्थान पंचायतीराज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के सम्मेलन में अध्यापकों ने वेतन विसंगति और गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति का मुद्दा उठाया।
तस्वीर में कुंआरिया के स्कूल सभागार में अधिवेशन के दौरान कुर्सियों पर बैठे शिक्षक दिख रहे हैं।
कुंआरिया। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कुंआरिया में राजस्थान पंचायतीराज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ का दो दिवसीय जिला अधिवेशन आयोजित किया गया। ब्लॉक राजसमंद एवं कुंआरिया के संयुक्त तत्वावधान में हुए सम्मेलन में शिक्षकों की ज्वलंत समस्याओं और संगठन की भूमिका को लेकर चर्चा हुई।
सम्मेलन में मुख्य अतिथि पूर्व ब्लॉक शिक्षा अधिकारी राजसमंद सत्यदेव शर्मा, विशिष्ट अतिथि प्रधानाचार्य फियावड़ी राकेश कुमार चपलोत, समाजसेवी गणेश पोरवाल, जिला अध्यक्ष महेंद्र सिंह, प्रदेश संगठन मंत्री भगवत आमेटा, प्रदेश महिला संयोजिका कृष्णा यादव, प्रदेश कोषाध्यक्ष मनोज कुमार शर्मा, जिला सभा अध्यक्ष रामचरण सिंह, जिला उप सभा अध्यक्ष भरत मीणा, जिला सम्मेलन संयोजक दशरथ आमेटा, ब्लॉक अध्यक्ष राजसमंद भरत आमेटा, ब्लॉक अध्यक्ष कुंवारिया दशरथ आमेटा, ब्लॉक अध्यक्ष देवगढ़ भगवान सिंह चुंडावत, ब्लॉक अध्यक्ष आमेट भगवान लाल भील, ब्लॉक अध्यक्ष रेलमगरा भेरू सिंह राजपूत, शिक्षक नेता सुरेश वीरवाल सहित सभी ब्लॉकों की कार्यकारिणी के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य वक्ता राकेश कुमार चपलोत ने शिक्षकों से संगठन में रहकर कार्य करने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि सत्यदेव शर्मा ने ‘संघे शक्ति कलियुगे’ को चरितार्थ करने वाला उदाहरण प्रस्तुत किया।
सम्मेलन में शिक्षकों ने सामूहिक रूप से अपनी ज्वलंत समस्याओं को उठाया। इनमें तृतीय श्रेणी अध्यापकों के स्थानांतरण, तृतीय श्रेणी अध्यापकों की DPC, 2007 में नियुक्त अध्यापकों की वेतन विसंगति, TET से मुक्त करने, 2002 के बाद दो से अधिक संतान होने पर प्रभावित होने वाली चयनित वेतन के आदेश को प्रत्याहारित करने, BLO सहित अन्य गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति और पे प्रोटेक्शन की वसूली पर रोक की मांग प्रमुख रूप से शामिल रही।
सम्मेलन में विमला आमेटा, संजू शर्मा, विनोद बोहरा, चंद्र प्रकाश साहू, कन्हैया लाल, सुरेश जाट, सुरेश अहीर, राजेंद्र सालवी, सुनील शर्मा, गोवर्धन पुरबिया, भूपेंद्र नंदवाना, हेमलता माली, भेरूलाल सालवी, गोपी लाल रेगर, पीयूष आमेटा, राकेश मीना, विक्रम सिंह और राकेश आमेटा उपस्थित रहे। सम्मेलन में शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं को सामूहिक रूप से उठाया गया, जिससे संगठन के स्तर पर इन मुद्दों को प्रमुखता से रखने का आधार तैयार हुआ।